मानसून में जल भराव से निपटने का केजरीवाल सरकार का 90 प्रतिशत डिसिल्टिंग का दावा पहली बारिश में ही पूरी तरह खोखला साबित हो गया।- चौ0 अनिल कुमार
नई दिल्ली, 30 जून, 2022 - दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष चौ0 अनिल कुमार ने कहा कि केजरीवाल सरकार और दिल्ली नगर निगम द्वारा जल भराव से निपटने की पूरी तरह तैयारियों का दावा मानसून की पहली बारिश में खोखला साबित हो गया और पीडब्लूडी मंत्री मनीष सिसोदिया ने स्वयं स्वीकारा है कि दिल्ली में कुछ डिसिल्टिंग का काम पूरा नही होने के कारण जल जमाव हुआ है। उन्होंने कहा कि पहले दिन की तेज बारिश ने न केवल दिल्ली में, बल्कि मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के कार्यालय के पास भी जल-जमाव और ट्रैफिक जाम रहा और आईटीओं पर जलजमाव के कारण घंटों यातायात बाधित रहा।
चौ0 अनिल कुमार ने कहा कि उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने कुछ दिन पहले ही दावा किया था कि जल-जमाव से निपटने के लिए “दिल्ली सरकार ने युद्ध स्तर कार्य किया है जल-जमाव से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है आज पहली बारिश ने उनके दावों की पोल खोल दी है। उन्होंने कहा कि वास्तविकता में नालों से गाद निकालने का काम जमीनी स्तर पर हुआ ही नही है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और उनके डिप्टी मनीष सिसोदिया दोनों झूठ बोलने की कला में महारत है इसलिए दिल्ली की मुख्य समस्याओं से जनता का ध्यान भटकाने के लिए दिन प्रतिदिन बेबुनियाद और नई घोषणाऐं करते रहते है जैसे दिल्ली में अस्थाई अस्पतालों के भ्रष्टाचार, अधिकारियों का भ्रष्टाचार में पकड़ना जाना जैसी समस्याओं से ध्यान भटकाने के लिए आर्गेनिक खेती, सितम्बर माह तक राशन योजना और नई बसें लाना जैसी घोषणा करके लोगों का ध्यान भ्रमित कर रहे है।
चौ0 अनिल कुमार ने कहा कि उप मुख्यमंत्री ने दिल्ली के नागरिकों को आश्वासन दिया था कि “उन्हें मानसून की बारिश में उन्हें जल-भराव की समस्या का सामना नहीं करना पड़ेगा क्योंकि पीडब्ल्यूडी इंजीनियरों ने जल-जमाव को रोकने के लिए पूरी व्यवस्था की है“ लेकिन 30 जून की भारी बारिश के कारण जल-जमाव और ट्रैफिक जाम ने केजरीवाल सरकार की परते खोलकर रख दी है
