फ्रांस में जी 7 समिट का आयोजन होने वाला है. इस बैठक में शामिल होने के लिए पीएम मोदी को भी निमंत्रण मिला है. ऐसे में पीएम 15-17 जून 2026 तक फ्रांस के दौरे पर रहेंगे. इसकी पुष्टि फ्रांस सरकार की ओर से की गई है. बता दें कि पेरिस के एब्बे डेस वॉक्स डी सर्ने में जी 7 विदेश मंत्रियों की बैठक चल रही है, जिसमें भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर भी शामिल हुए हैं. वह 26-27 मार्च 2026 तक फ्रांस के दौरे पर हैं पीएम मोदी के जी7 शिखर सम्मेलन में शामिल होने की घोषणा विदेश मंत्री एस जयशंकर और फ्रांस के यूरोप-विदेश मामलों के मंत्री जीन नोएल बैरोट ने की. दोनों नेताओं की मुलाकात जी7 विदेश मंत्रियों की बैठक के दौरान हुई. भारत में फ्रांस की एंबेसी की ओर से जारी एक बयान के मुताबिक दोनों पक्षों ने एवियन में आयोजित होने वाले शिखर सम्मेलन में पीएम मोदी की भागीदारी की पुष्टि का स्वागत किया. मंत्रियों ने जी7 के एजेंडे में भारत के बढ़ते योगदान पर जोर दिया, जिसमें मुख्यतौर से आर्थिक असमानता को दूर करने और अंतरराष्ट्रीय साझेदारी समेत वैश्विक एकजुटता की मजबूती पर फोकस किया. इस दौरान पश्चिम एशिया में बदलते हालातों पर भी चर्चा की गई. दोनों देश होर्मुज स्ट्रेट की सुरक्षा पर फोकस करने के लिए राजी हुए. बता दें कि होर्मुज जलडमरूमध्य ग्लोबल एनर्जी सप्लाई के लिए अहम मार्ग है. इस रास्ते से दुनिया का 20 प्रतिशत तेल गुजरता है और ईरान ने फिलहाल इसे ब्रेक किया है. बता दें कि भारत जी 7 का सदस्य देश नहीं है, लेकिन इसके बावजूद भारत के प्रभाव को देखते हुए समूह के मौजूदा अध्यक्ष फ्रांस ने साझेदार देश के तौर पर भारत को इसमें शामिल होने के लिए न्यौता दिया है. इस बैठक में फ्रांस के साथ जापान, इटली, अमेरिका, ब्रिटेन, जर्मनी और कनाडा शामिल हो रहा है. भारत के अलावा फ्रांस ने जी7 में ब्राजील, साउथ कोरिया और सऊदी अरब को भी इन्विटेशन दिया है.
