महिलाओं के सशक्तिकरण के दावों के बावजूद आज भी महिलाएं हो रही उत्पीड़न का शिकार



• शिक्षिका हेमलता को सरस्वती की पूजा ना करने पर अपमानित व प्रताड़ित करने की जघन्य घटना पर विभिन्न संगठनों ने की कार्रवाई की मांग

• सरकार द्वारा महिलाओं के सशक्तिकरण के दावों के बावजूद आज भी महिलाएं हो रही उत्पीड़न का शिकार

नारनौल 01 फरवरी 2024 : राजस्थान के बारां जिले के लकडाई गांव की मिडिल स्कूल शिक्षिका हेमलता बैरवा को गणतंत्र दिवस के पावन अवसर पर सरस्वती की पूजा ना करने पर प्रताड़ित व अपमानित करने के मामले में कड़ा संज्ञान लेते हुए विभिन्न संगठनों की आक्रोश प्रदर्शन बैठक सर्व अनुसूचित जाति संघर्ष समिति के प्रधान चन्दन सिंह जालवान की अध्यक्षता में महेंद्रगढ़ रोड़ स्थित संघर्ष समिति कार्यालय में आयोजित की गई। 

महिला उत्पीड़न की इस घटना पर बैठक में भारी रोष प्रकट करते हुए राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग, राजस्थान के मुख्यमंत्री, जिलाधीश व पुलिस के डीजीपी, आईजी और एसपी को पत्र लिखकर मामले में संलिप्त दोषी ग्रामीणों व स्कूल स्टाफ के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने और पीड़िता को सुरक्षा मुहैया कराने की मांग की गई। बैठक का संचालन करते हुए समिति के महासचिव एवं कबीर सामाजिक उत्थान संस्था दिल्ली के प्रमुख सलाहकार बिरदी चंद गोठवाल ने बताया कि गणतंत्र दिवस के पावन अवसर पर शिक्षिका हेमलता बैरवा को ज्ञान की देवी सावित्रीबाई फुले और संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अंबेडकर की बजाय सरस्वती की पूजा करने के लिए ग्रामीणों व स्कूल स्टाफ द्वारा अनावश्यक दबाव बना कर सार्वजनिक रूप से जातिसूचक अपशब्दों का प्रयोग करते हुए डराकर, धमकाकर व चेतावनी देते हुए अपमानित कर प्रताड़ित किया गया, जबकि दलित समाज की शिक्षिका द्वारा लोक कर्तव्य की पालना संवैधानिक प्रावधानों के अनुसार की जा रही थी। 

इस कुकृत्य व जघन्य घटना पर समिति के प्रधान चन्दन सिंह जालवान, हरियाणा आवाज फाउंडेशन के उपाध्यक्ष एवं पूर्व प्राचार्य डॉ. शिवराज सिंह ताज, हरियाणा प्रदेश अनुसूचित जाति महासभा के प्रधान अनिल फाण्डन, डॉ. अम्बेडकर जन जाग्रति मंच के प्रधान जसवंत भाटी, भारतीय बौद्ध महासभा की प्रदेश महासचिव आशा पूनिया, राष्ट्रपति से अवार्डी एवं पूर्व सरपंच रोशनी देवी व सामाजिक विकास पथ समिति की प्रधान प्रेम यादव आदि ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि उत्पीड़न की घटना समस्त नारी समाज के लिए बहुत ही दर्दनाक व शर्मशार है। इस जघन्य घटना से भारत सरकार के महिलाओं के सशक्तिकरण के वादे खोखले साबित होते हैं, जहां महिलाओं के साथ वर्तमान में अत्याचार, उत्पीड़न, बलात्कार व अपमानित करने आदि की घटनाएं होना आम बात हो गई हैं जो असहनीय हैं। 

यदि शिक्षिका हेमलता बैरवा को अपमानित व उत्पीड़न करने में संलिप्त स्कूल स्टाफ व ग्रामीणों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई तो राजस्थान के बहुजन संगठनों के साथ हरियाणा का वंचित समाज भी कंधे से कंधा मिलाकर संघर्ष करेगा। इस अवसर पर अखिल भारतीय आरक्षण बचाओ संघर्ष समिति के उपाध्यक्ष एवं पूर्व तहसीलदार लालाराम नाहर, गुरु रविदास महासभा के प्रधान बलबीरसिंह बबेरवाल, गुरु रविदास एवं डॉ. अम्बेडकर सभा हरियाणा के लेखापरीक्षक रामकुमार ढ़ैणवाल, महर्षि वाल्मीकि समाज व संघर्ष समिति के उपाध्यक्ष राजेश चांवरिया, धानक समाज के पूर्व डीजीएम महेंद्र खन्ना, भारतीय सामाजिक परिवर्तन संघ के सुमेर सिंह गोठवाल, सचिव हजारीलाल खटावला, रामभरोस भीम, रामचंद्र गोठवाल, पूर्व उप अधीक्षक हरिराम सिरोहा, सूबेदार सेढ़ा राम, पूर्व विजीलेंस इंस्पेक्टर अतरसिंह खिंची, छोटा राम भाटी, सूबे सिंह गोठवाल, विक्रम मांडैया, अनुप सिंह, रामनिवास, केआर पूनिया व प्रवीण प्रजापत आदि अनेक लोग उपस्थित रहे।

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