राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन बाबू ने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी से किया शिष्टाचार मुलाकात





• राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन बाबू ने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी से किया शिष्टाचार मुलाकात 

नई दिल्ली • पटना • बिहार में सत्ता परिवर्तन के बाद शुक्रवार को जदयू सांसद राजीव रंजन उर्फ़ ललन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की. दोनों के बीच हुई इस मुलाकात की जानकारी खुद ललन सिंह ने अपने सोशल मीडिया पर फोटो पोस्ट कर दी. सियासी समीकरण बदलने के बाद ललन सिंह की पीएम मोदी से हुई यह मुलाकात बेहद अहम मानी जा रही है. ललन सिंह ने पीएम मोदी से मुलाकात कर लिखा, ‘देश के यशस्वी प्रधानमंत्री आदरणीय श्री नरेन्द्र मोदी जी से उनके कार्यालय में शिष्टाचार मुलाकात हुई।‘ 

दरअसल, बिहार में NDA की सरकार बने हुए 6 दिन बीत गए. इसके बाद भी मुख्यमंत्री नीतीश कुमार 8 मंत्रियों के बीच विभागों का बंटवारा नहीं कर सके हैं. समय बीतते जा रहा है और तमाम मंत्री बिना विभाग के ही बैठे हैं. सरकार का काम काज पूरी तरह से ठप पड़ा है. कहा जा रहा है कि मंत्रियों में विभाग बंटवारे को लेकर पेंच फंसा है.भाजपा इस बार ताकतवर विभाग की डिमांड कर रही है.लेकिन बीजेपी की डिमांड को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार स्वीकार नहीं कर रहे. यही वजह है कि शपथ लिए मंत्रियों के बीच डिपार्टमेंट का बंटवारा नहीं हो पाया है.

बिहार में 28 जनवरी को एनडीए की सरकार बनी. भाजपा ने एक बार फिर से नीतीश कुमार को गठबंधन का नेता माना. इस तरह से वे नौवीं दफे बिहार के मुख्यमंत्री बन गए. भाजपा कोटे से दो डिप्टी सीएम बनाए गए. सम्राट चौधरी और विजय सिन्हा. इसके अलावे डॉ. प्रेम कुमार को भी भाजपा कोटे से मंत्री बनाया गया है. जेडीयू कोटे से विजय चौधरी, बिजेन्द्र प्रसाद यादव और श्रवण कुमार को मंत्री पद की शपथ दिलाई गई. जबकि हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा से संतोष सुमन और निर्दलीय सुमित कुमार सिंह भी मंत्री बनाए गए हैं.

नई सरकार में मुख्यमंत्री समेत 9 सदस्य शामिल हैं.लेकिन सबसे बड़ी बात यह कि सरकार के मंत्री बिना विभाग के हैं. नए मंत्री क्या करें उन्हें भी समझ में नहीं आ रहा. शपथ लिए मंत्रियों को भी लगने लगा है कि कुछ न कुछ गड़बड़ है. तभी तो मुख्यमंत्री विभागों का बंटवारा नहीं कर पा रहे हैं. ऐसी हालात शायद ही कभी आई हो, जब मंत्रियों को विभाग के लिए लंबा इंतजार करना पड़ रहा है.

अब पीएम मोदी और ललन सिंह की हुई इस मुलाकात के पीछे एक कारण बिहार में मन्त्रिमंडल विस्तार और विभागों के बंटवारे का पेंच भी माना जा रहा है. हालांकि ललन सिंह ने इसे शिष्टाचार मुलाकात कहा है.

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