• अपर मुख्य सचिव के. के .पाठक जी बिहार के सरकारी विद्यालयों की दुर्दशा तो देखें ?
पटना: बिहार राज्य में शिक्षा के क्षेत्र में आतंक मचा है। सरकारी विद्यालयों में इतनी बड़ी रकम खर्च के लिए दिया जा रहा है। ताकि बच्चे सही ढंग से पढ़ सकें, किन्तु हालात यह है कि एक ही विद्यालय में पाँच विद्यालय संचालित है क्या यह बात पटना के जिलाधिकारी डॉ. चन्द्रशेखर जी को पता नहीं है। शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव के.के.पाठक जी धड़ा-धड आदेश जारी कर रहे हैं उन्हें पटना के विद्यालयों की दुर्दशा की जानकारी नहीं है और अगर नहीं है तो समाचार पत्रों द्वारा बार-बार समाचार प्रकाशित किया जा रहा है तब भी ये साहब क्यों नहीं उस विद्यालय को जाकर आँखों देखी हाल देख रहे हैं। परियोजना पदाधिकारी, निदेशक प्राथमिक तथा शिक्षा विभाग के जो भी पदाधिकारी है क्यों आँखें मुंद हुए हैं और क्यों इसकी छानबीन नहीं किया जा रहा है। किसी भी विद्यालय में कितने नामांकित छात्र है और कितने छात्र उपस्थित हो रहे हैं जिसके नाम पर पोशाक पुस्तक छात्रवृति, बाँटी जा रही, है तथा एक ही विद्यार्थी दो जगह नामांकित है जो केवल सरकारी लाभ लेने हेतु है तो इस स्थिति में कितने प्रधानाध्याप सेवा से बर्खास्त किए गए, ये बातें श्रीमान के. के. पाठक साहब को भी बताना चाहिए। यह बात भी सच है कि सरकारी फण्ड का केवल दुरुपयोग ही बिहार सरकार में शिक्षा के नाम पर किया जा रहा है माननीय मुख्यमंत्री श्री नीतिश कुमार जी को इसका संज्ञान लेना चाहिए था।
