• सीमांचल एक्सप्रेस संवाददाता, संजय कुमार चौधरी
नई दिल्ली, । दिल्ली के भजनपुरा में रविवार सुबह-सुबह कड़ी सुरक्षा के बीच अवैध दरगाह और अवैध मंदिर पर प्रशासन का बुलडोजर चला। प्रशासन द्वारा की गई इस कार्रवाई के दौरान इलाके में भारी सुरक्षा बल की तैनाती की गई थी, जिससे की भी आपात स्थिति से निपटा जा सके।
भजनपुरा में फुटपाथ पर बने मंदिर और बीच सड़क पर बनी मजार पीडब्ल्यूडी की ज़मीन पर बने थे। एलजी द्वारा गठित कमेटी की अनुशंसा पर हटाया जा रहा है।
• सुबह चार बजे से चल रही है कार्रवाई
जानकारी के अनुसार, जिस जगह यह धार्मिक स्थल हैं वह दंगा प्रभावित क्षेत्र है, जिसको ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा बल तैनात कर सुबह 4 बजे अपनी कार्रवाई शुरू की थी जो अभी जारी है। वहीं, पुलिस-प्रशासन ने लोगों को धार्मिक स्थल पर पहुंचे से रोकने के लिए रिहायशी गलियों के रास्तें को बंद कर दिया है। साथ ही लोगों को धार्मिक स्थलों पर जाने की अनुमति नहीं दी गई है।
#WATCH | Anti-encroachment drive underway by PWD in Delhi's Bhajanpura area. pic.twitter.com/qITpHa1ehY
— ANI (@ANI) July 2, 2023
भजनपुरा चौक पर फुटपाथ परभणी मंदिर से सड़क के बीच आ रही मजार तोड़ने के दौरान करावल नगर रोड से भजनपुरा चौक जाने वाले रास्ते को अर्ध सैनिक बल के जवान को लगाकर जाने वाले लोगों को रोका जा रहा है।
Joy N Tirkey, DCP Northeast, says "Demolition drive is underway peacefully at Bhajanpura Chowk. A decision was taken by the Religious Committee of Delhi to remove a Hanuman Temple & a Mazar to further widen the road for Saharanpur Highway. Both structures are removed peacefully" pic.twitter.com/z1T6JjlRrj
— ANI (@ANI) July 2, 2023
• अवैध निर्माण की वजह से लगता था जाम
यह मजार बीच सड़क में थी, जिसे हटाने की लंबे समय से मांग हो रही थी। आज सुबह-सुबह यहां भारी सुरक्षाबलों की तैनाती के बीच जेसीबी ने अवैध निर्माण को हटा दिया। यहां पीडब्लूडी का फ्लाईओवर का निर्माण हो रहा है, जिसकी वजह से यहां हमेशा जाम की स्थिति रहती है। इसी को ध्यान में रखते हुए प्रशासन अवैध निर्माण को ध्वस्त करने की कार्रवाई की है।
• कार्रवाई से पहले प्रशासन ने चस्पा किया था नोटिस
प्रशासन की कार्रवाई से पहले मंदिर से मूर्तियां हटा ली गई थी। कार्रवाई से पहले मंदिर व मजार पर पीडब्ल्यूडी ने नोटिस चस्पा किया था और कहा गया था कि स्वयं धार्मिक स्थलों को हटा लें, लेकिन हटाया नहीं। इसके बाद 14 जून को प्रशासन को पुलिस के साथ कार्रवाई करनी थी।
यह सूचना मिलते ही हिंदू संगठन व भाजपा पार्षद और विधायक सड़क पर आ गए थे। जिस वजह से कार्रवाई नहीं हो सकी थी। इसबार सूचना लीक नहीं होने दी और तड़के से कार्रवाई शुरू की गई।
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