नालंदा • पटना: ये है बेन प्रखंड के अतिरिक्त स्वास्थ्य केन्द्र छकौड़ी विगहा जहाँ ये केन्द्र शायद सप्ताह में एकाध वार खुलते भी है या नहीं। 11 जुलाई को सीमांचल एक्सप्रेस उप संपादक बिहार द्वारा स्थल निरीक्षण में ये बंद पाये गये जहाँ पर कोई सुचना ही नहीं था। यहाँ पदस्थापित परिचारिका केवल वेतन प्राप्त करने हेतु ही यहाँ पदस्थापित हैं जो बेन प्रखण्ड के अन्तर्गत आता हैं जबकि इस स्वास्थ्य केन्द्र का किराया निगत 15 वर्षों से नहीं मिला है। यह स्वास्थ्य केन्द्र स्व. कृष्णनारायण प्रसाद मागध जी के दालान में संचालित है। इसका स्थापना माननीय विधायक श्री श्रवण कुमार जी द्वारा ही हुआ था काफी भागदौड़ के बाद भी अभी तक इसका एक रुपया भी किराया नहीं दिया गया है। जबकि माननीय विधायक श्री श्रवण कुमार 10 वर्षो से मंत्री भी बने हुए हैं। स्व. मागध जी के भाई प्रेमनारायण जी भी प्रयास किए किन्तु कोई सुनने वाला नहीं है।
• छकौड़ी विगहा बाल विकास केन्द्र बंद पाया गया
ये है बेन प्रखंड के अन्तर्गत छकौड़ी विगहा बाल विकास केन्द्र जिसे आँगवाड़ी कहा जाता है यह केन्द्र भी 11 तारीख को दिन के 12 बंद पाया गया जहाँ न सेविका थी. न बच्चे थे ये केन्द्र भी बेन प्रखण्ड के अन्तर्गत ही आते है। जहाँ सी०डी० पी० ओ का प्रतिशत निर्धारण पर केन्द्र चुलता है और सेविका से लेकर पदाधिकारी तक लूट-खसोट में लगे है।
• बिहार सरकार के मंत्री श्रवण कुमार के गृहक्षेत्र के माध्यमिक विद्यालय गुरूशरणपुर में साइंस और आर्ट के शिक्षक नहीं है
ये है बेन प्रखंड: माध्यमिक 10+2 विद्यालय गुरूशरणपुर जहाँ विद्यालय तो खुले थे किन्तु 10+2 के छात्रों को पढ़ाने वाले एक भी शिक्षक नहीं है। पुछने पर यह पता चला कि यहाँ 10+2 पढ़ाने वाले साइंस और आर्ट के शिक्षक नहीं है है केवल नामांकन तथा फार्म भरवाने का ही व्यवस्था यहाँ है। भवन बने हुए हैं जहाँ प्रतिशत का बंदरबांट हो चुका है। बड़े-बड़े दावा बोर्ड अध्यक्ष किशोर जी करते रहते हैं नीतिश जी के चहेते पदाधिकारी है सभी बोर्ड से पहले रिजल्ट देने की दावा करते हैं किन्नु " सच्चाई यह है कि कहीं पठन-पाठन की सुविधा ही नहीं है। लगभग छात्र प्राईवेट ट्यूशन, का सहारा लेते हैं। यह विद्यालय भी माननीय मंत्री श्री श्रवण कुमार के क्षेत्र का मामला है जहाँ वे स्वयं पढ़ें है वैसे तो स्वयं श्रवण कुमार जी ने इस विद्यालय में शिक्षा प्राप्त कर अपने आप को ऊंची उड़ान भरी लेकिन क्षेत्र के बच्चों का भविष्य अंधकारमय हो रहा है इस माननीय मंत्री श्रवण कुमार जी का ध्यान शायद आकर्षित नहीं हुआ है सवाल यह कि आने वाले दिनों में क्या इस विद्यालय में शिक्षकों की उचित व्यवस्था होगी या फिर बंदरबांट लूट-खसोट का ये कागजी खेल यूंही चलता रहेगा।
• अशोक कुमार की कलम से सीमांचल एक्सप्रेस उप संपादक बिहार


