कामगार मजदूर यूनियन के मसीहा श्री रामाशीष ठाकुर का निधन अत्यंत दुखदाई
संवाददाता • अशोक कुमार
पटना, बहुत ही दुखत समाचार। समाजवादी विचारधारा के जनक, अतिपिछड़ा समाज के नेता, भवन निर्माण कामगार मजदूर यूनियन के प्रदेश महामंत्री और जननायक कर्पूरी ठाकुर जी के दमकिपा पार्टी के कार्यालय प्रभारी, साथ ही कर्पूरी ठाकुर जी के विश्वास पात्र रहे वयोवृद्ध नेता श्री रामाशिष ठाकुर जी के आज सुबह आकस्मिक निधन हो गया है। वे कुछ दिनों से बीमार चल रहे थे। फुलवारी शरीफ एम्स अस्पताल में अंतिम सांस लिए। उनके आकस्मिक निधन से पूरे अतिपिछड़ा समाज और कामगार मजदूर यूनियन में शोक की लहर दौड़ गई। वे निस्वार्थ भाव से सामाजिक और राजनीतिक क्षेत्रों में जीवन भर संघर्षरत रहे। वे स्वाभिमानी व्यक्तित्व के व्यक्ति थे। उनका संघर्ष अतिपिछड़ा समाज में काफी सराहनीय रहा। लेकिन गरीबी और साधनविहीन रहने के कारण अपने मकसद में कामयाब नहीं हो पाए। इसके लिए उनके आत्मा को और अतिपिछड़ा समाज को अफसोस रह गया है। उनके अंतिम दाहसंस्कार पटना के गुलबीघाट पर किया गया है। गरीबों के मसीहा स्वर्गीय श्री रामाशीष ठाकुर जी के लिए जदयू राजद भाजपा कांग्रेस पार्टी या बिहार का अन्य कोई राजनैतिक दल उनकों सहारा नहीं दें सका। बड़ा ही दुःख हुआ कि उनके अंतिम दर्शन पुष्पांजलि देने वालों में या शव यात्रा में बिहार के किसी भी राजनीतिक दल से कोई भी नेता नहीं पहुंचे, केवल छुटभैया नेता ही दिवंगत शरीर पर पुष्पांजलि अर्पित किए और शव यात्रा में शामिल हुए। जो बहुत ही निंदनीय और दुःख की बात है क्या आज के दौर में राजनीतिक सिर्फ पैसे वालों का है स्वर्गीय श्री रामाशीष ठाकुर जी के दिवंगत शरीर पर पुष्पांजलि अर्पित करने वालों में मुख्य रूप से अतिपिछड़ा समाज के नेता प्रो किशोरी दास, अतिपिछड़ा समाज के शुभचिंतक और बिहार निषाद संघ के प्रदेश प्रधान महासचिव सह पटना महानगर प्रभारी श्री धीरेन्द्र निषाद, अतिपिछड़ा जरासंध के प्रदेश अध्यक्ष श्री धीरेन्द्र धीरु चंद्रवंशी, गजेन्द्र मांझी, प्रदीप कुमार पत्रकार,रामू जी आदि बड़ी संख्या में अतिपिछड़ा समाज के नेता और सामाजिक, राजनीतिक कार्यकर्ता उपस्थित थे। सभी ने उनके पार्थिव शरीर पर पुष्पांजलि अर्पित करते हुए श्रद्धांजलि दी। जिस तरह की बिहार राज्य के सत्तारूढ़ पार्टी हो या विपक्ष सभी एक ही सिक्के के दो टुकड़े नजर आते हैं जिस प्रकार देखा गया कि स्वर्गीय श्री रामाशीष ठाकुर जी से अस्पताल में इलाज के दौरान कोई भी राजनेता मिलने नहीं आया ना कोई राजनेता उनको सहारा दे सका। स्वर्गीय श्री रामाशीष ठाकुर जी ने जीवन पर्यन्त गरीबों के आवाज को बुलंद किया और गरीबों के हक की लड़ाई लड़ी। ऐसे दिवंगत नेता स्वर्गीय रामाशीष ठाकुर जी के शरीर पर पुष्पांजलि अर्पित करने या उनके शव यात्रा में शामिल होने बिहार के कोई भी नेता नहीं पहुंचे जिससे गरीब तबके के लोगों में आक्रोश का माहौल हो रहा है गरीब लोगों के लिए राजनीति से विश्वास उठ सकता है लोकतंत्र के लिए यह राजनीति पतन की ओर ले जाने वाला है



