हवा बहने के समय भूलकर भी आग ना जलाएं ---जिलाधिकारी




संवाददाता • अशोक कुमार की रिपोर्ट 

पटना/ वैशाली  : जिला में घट रही अगलगी की घटना को देखते हुये इसे रोकने एवं उससे बचाव की जिलाधिकारी के द्वारा वैशाली जिला वासियों से अपील जारी की गई है। जिलाधिकारी ने कहा है कि अगलगी में समूल नष्ट हो जाता है जिससे ना केवल पीड़ित परिवार प्रभावित होता है बल्कि आसपास के बसावट भी प्रभावित होते हैं। आग को रोकने के लिए जिलाधिकारी ने अपील की है कि जहां तक संभव हो खाना खुले स्थान एवं झोपड़ी नुमा घरों में पछुआ हवा चलने के पहले सुबह में 9:00 बजे तक बना लिया जाए तथा संध्या में खाना 6:00 बजे के बाद ही बनाना शुरू किया जाए जब हवा नरम पड़ जाती है। जिलाधिकारी ने कहा है कि खाना पकाते समय पास के बर्तन में दो बाल्टी पानी जरूर रखें। खाना पकाने के बाद आग को पानी डालकर पूरी तरह से बुझा दें। उन्होंने कहा है कि अगर घर फूस का है तो उस पर मिट्टी का लेप चढ़ा दें तथा दो झोपड़ियों को सटा कर न बनाएं । रसोई घर में मिट्टी का तेल एवं अन्य ज्वलनशील पदार्थ नहीं रखें।
 जिलाधिकारी के द्वारा गेहूं की तैयार हो चुकी फसल को जल्द से जल्द काटने की अपील की गई है तथा खेत में फसल को नहीं जलाने का निर्देश भी दिया गया है गेहूं की थ्रेसरिंग के समय थ्रेशर मशीन के पास 2 ड्रम पानी रखने को कहा गया है ।उन्होंने कहा है कि कहीं भी आग लगी की घटना पर शीघ्र काबू पाया जाए एवं इसके लिए 101 नंबर डायल करें ताकि अग्निशमन सेवा तुरंत उपलब्ध कराई जा सके। जलती हुई तिल्ली, माचिस की काठी, बीड़ी, सिगरेट खेत खलिहान के पास नहीं फेंके। किसी भी जलते हुए पदार्थ को बुझा कर ही सोएं तथा घर में अग्निशमन पदार्थ जैसे पानी ,बालू ,सुखी मिटटी रखा करें । खेत खलिहान में पूजा के समय जलती हुई अगरबत्ती या धूप पर नजर रखें जब तक वह पूरी तरह से बुझ नहीं जाता है। बिजली प्रयोग पर भी सावधानी बरतें। बिजली तार के जोड़ को ढीला या खुला न छोड़ें तथा इसे इसे प्लास्टिक से नही बांधे। कम या खराब गुणवत्ता के तार का प्रयोग नहीं करें। जिलाधिकारी ने कहा है कि छोटी से छोटी चूक से भी बड़ी दुर्घटना घट सकती है

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