फाइल फोटो, चौधरी अनिल कुमार : अध्यक्ष दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी 
• मोदी सरकार द्वारा रसोई के इस्तेमाल वाली खाद्य वस्तुओं पर 5 प्रतिशत जीएसटी लगाना गरीब, मध्यम व निम्न वर्ग के लोगों पर प्रहार। - चौ0 अनिल कुमार
• 75 वर्षों में देश में पहली बार अनाज अथवा खाद्यान पर टैक्स मोदी सरकार ने लगाया है।- चौ0 अनिल कुमार
नई दिल्ली, 18 जुलाई, 2022 - दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष चौ0 अनिल कुमार ने कहा कि भाजपा की केन्द्र सरकार ने दही, मक्खन, चावल, दाल, ब्रेड,
चौ0 अनिल कुमार ने कहा कि भाजपा की केन्द्र सरकार की एकतरफा सोच के कारण जहां देश पर आजादी के बाद पहली बार आर्थिक और बेरोजगारी का संकट गहराया है। भाजपा सरकार द्वारा पैक्ड खाद्य वस्तुओं पर जीएसटी के अनैतिक निर्णय के बाद जहां उपभोक्ता को महंगाई की मार झेलनी पड़ेगी, वहीं छोटे दुकानदारां और खुले बाजारों में व्यवसाय करने वालों को भी काफी परेशानी होगी। उन्होंने बताया कि इंडस्ट्रियल इंस्टीट्यूशनल उपभोक्ता जैसे होटल, रेस्टोरेंट, ट्रांसपोर्टे
चौ0 अनिल कुमार ने कहा कि आजादी के बाद 75 वर्ष के इतिहास में महंगाई की दर और बेरोजगारी के आंकड़े पहली बार इतने गहराए है, जिससे देश की 80 प्रतिशत जनसंख्या सीधी प्रभावित हुई है, परंतु भाजपा सरकार कोविड महामारी की भरपाई की आड़ में लगातार पेट्रोलियम पदार्थो, सीएनजी, रसोई गैस सहित खाद्य वस्तुओं की दरों में बढ़ोत्तरी को सही ठहरा रही है, जबकि वास्तविकता में केन्द्र सरकार अपने फजूल खर्चों को दबाने के लिए महंगाई पर नियंत्रण करने में असहाय दिखाई दे रही है। उन्होंने कहा कि देश में पहली बार अनाज अथवा खाद्यान पर टैक्स मोदी सरकार ने लगाया है। इससे पहले कभी भी दाल, चावल, आटा, मैदा, सूजी, गें
चौ0 अनिल कुमार ने कहा कि केन्द्र में भाजपा की मोदी सरकार ने अपनी अधिसूचना में ड्राय लेगुमिनियस वेजिटेबल्स शब्द का प्रयोग करके सभी प्रकार के उत्पादों को पांच प्रतिशत जीएसटी के के दायरे में लाने का रास्ता साफ कर दिया है। मतलब साफ है कि सूखी सब्जियां या उससे बने प्रॉडक्ट भी लोगों को महंगे मिलेंगे। उन्होंने कहा कि खाद्य वस्तुओं के साथ स्वास्थ्य संबधी उपकरण, आर्थोपेडिक उपकरण, शरीर के कृत्रिम अंग, सर्जिकल बेल्ट, सोलर वाटर हीटर और सिस्टम, प्रीटिंग स्याही, साईकिल पंप, दूध निकालने वाली मशीन, सिंचाई किट और बीज आदि भी महंगे मिलेंगे।