सहरसा, सौरबाजार प्रखंड के चिकनी दक्षिणी पंचायत स्थित राईस मिल से चावल की गुणवत्ता और गबन का मामला सामने आने के बाद जिला प्रशासन के अधिकारियों की नींद उड़ गई है। बुधवार को जिलाधिकारी कौशल कुमार स्वयं सदर एसडीओ व अन्य अधिकारियों के साथ सौरबाजार के चंदौर पूर्वी और सोनवर्षा प्रखंड के मोकमा स्थित राइस मिल का निरीक्षण किया। उन्होंने मिलरों को 31 जुलाई तक शत-प्रतिशत चावल जमा करने का निर्देश दिया। डीएम ने कहा कि चावल की गुणवत्ता में कोई समझौता नहीं किया जाएगा। चावल लदे ट्रक की चार बार जांच की जाएगी। गुणवत्तापूर्ण चावल नहीं होने पर उसे लौटा दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि जो मिलर निर्धारित सीमा के अंदर चावल जमा नहीं करेंगे, उनके विरुद्ध कार्रवाई की ही जाएगी। साथ ही इससे संबद्ध पैक्सों व व्यापार मंडल पर भी प्राथमिकी दर्ज कराते हुए नीलाम पत्र वाद दायर किया जाएगा। डीएम ने जिला सहकारिता पदाधिकारी व प्रखंड स्तरीय सहकारिता प्रसार पदाधिकारियों को इसके लिए तत्पर रहने का आदेश दिया। उन्होंने चावल की गुणवत्ता जांच में लगे दंडाधिकारियों को हर हाल में चावल की गुणवत्ता का पालन कराते हुए एसएफसी को आपूर्ति कराने का निर्देश दिया
।

