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| फाइल फोटो मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पटना बिहार |
सीमांचल एक्सप्रेस न्यूज़ नेटवर्क पटना बिहार
अरविंद पासवान
पटना :बिहार सरकार सीएम नीतीश कुमार की केबिनेट की बैठक खत्म हो गई है. बैठक में कुल 35 एजेंडों पर मुहर लगी है. मंत्रिपरिषद की इस अहम बैठक में नौकरी का पिटारा खुला है. राज्य के विभिन्न विभागों में हजारों पदों पर बहाली की स्वीकृति मिली है. गृह विभाग और स्वास्थ्य विभाग के आलावा पटना मेट्रो में भी बहाली की स्वीकृति मिली है. विभिन्न विभागों में लगभग 5800 से अधिक पदों को सृजित करने की स्वीकृति मिली है आज 31 मार्च बुधवार को बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में हुई मंत्रिपरिषद की इस अहम बैठक में कुल 35 एजेंडों पर मुहर लगी है. गृह विभाग में खाली पड़े 218 पदों को भरने की स्वीकृति मिली है. आपराधिक घटनाओं की जांच को जल्द से जल्द पूरा करने के लिए राजपत्रित और अराजपत्रित कोटि के कुल 218 पदों की स्वीकृति मिली है. इसके अलावा पटना मेट्रो में 188 पदों को सृजित करने की स्वीकृति मिली है इसके अलावा पशु एवं मत्स्य संसाधन विभाग में मत्स्य प्रसार पदाधिकारी के 264 पदों की स्वीकृति मिली है. इसके आलावा नगर विकास एवं आवास विभाग में 4503 पदों को सृजित करने की स्वीकृति मिली है. विधि विभाग में 39 पदों को भरा जायेगा. गौरतलब हो कि बुधवार को सुबह साढ़े 11 बजे से ही देशरत्न मार्ग स्थित मुख्य सचिवालय में कैबिनेट की बैठक बुलाई गई थी बिहार में 1 अप्रैल यानी कल गुरुवार से बालू एक बार फिर महंगी हो जाएगी. राज्य सरकार ने बालू बंदोबस्ती की राशि 50 फ़ीसदी बढ़ाने का फैसला किया है. आज भी कैबिनेट की बैठक में 1 अप्रैल 2021 से लेकर 30 सितंबर 2021 तक के लिए बंदोबस्ती राशि 50 फ़ीसदी बढ़ाकर अवधि विस्तार करने की स्वीकृति दे दी गई है बंदोबस्ती राशि में 50 फ़ीसदी का इज़ाजफ़ा किए जाने के बाद अब यह बात लगभग तय है कि सूबे में एक बार फिर से बालू की कीमतों में इजाफा होगा. बंदोबस्त धारी जब सरकार को ज्यादा पैसे देंगे तो इसका सीधा प्रभाव ग्राहकों पर पड़ेगा. बालू की कीमतों में वृद्धि होने से रियल एस्टेट सेक्टर से लेकर अन्य तरह के निर्माण कार्य में लागत मूल्य बढ़ेगी.
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| फाइल फोटो मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पटना बिहार |


