बिजौरा निषाद बस्ती में सावन की सप्तमी पर दिखा अद्भुत नजारा, झूम उठे कांवड़िए!





प्रयागराज जनपद के अंतर्गत आने वाले मेजा क्षेत्र के बिजौरा निषाद बस्ती में सावन के पवित्र और पावन शुभ अवसर पर मंगलवार सप्तमी तिथि के पावन पर्व पर एक भव्य एवं दिव्य भोलेनाथ के संकीर्तन और कीर्तन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस धार्मिक और आध्यात्मिक आयोजन ने पूरे क्षेत्र को शिवमय बना दिया, जहाँ चारों ओर भगवान भोलेनाथ के जयकारों और गूंजते भजनों से पूरा वातावरण भक्ति के रस में सराबोर नजर आया। सावन के महीने में देवों के देव महादेव की आराधना का विशेष महत्व होता है, और इसी आस्था को परवान चढ़ाते हुए बिजौरा निषाद बस्ती के तमाम युवा, ग्रामीण और दूर-दराज से पहुंचे शिवभक्त एकत्रित हुए। कार्यक्रम की शुरुआत परंपरागत रूप से भगवान शिव की स्तुति और विधिवत पूजन-अर्चन के साथ की गई। ढोल-मंजीरों की थाप और डमरूओं की गड़गड़ाहट के बीच जब भजन-कीर्तन का दौर शुरू हुआ, तो पूरा पंडाल और बस्ती का कोना-कोना भगवान शंकर की भक्ति में डूब गया। पवित्र सावन मास में इस प्रकार केआयोजनों से न केवल धार्मिकता को बढ़ावा मिलता है, बल्कि आपसी सौहार्द और भाईचारा भी मजबूत होता है।





इस विशेष आध्यात्मिक अनुष्ठान में बोल बम और बाबा के जयकारों के साथ कांवड़ियों ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। सावन की सप्तमी पर भगवा वस्त्रों में सजे हुए कांवड़िए जब "बाबा की नगरी" के इस आयोजन में झूमे, तो पूरा दृश्य अत्यंत मनोरम और अद्वितीय बन गया। कांवड़ियों की अनन्य निष्ठा और शिवभक्ति देखकर वहां मौजूद हर एक व्यक्ति की आंखें श्रद्धा से भर आईं। हर हर महादेव और बम-बम भोले के जयघोष से मेजा का यह क्षेत्र पूरी तरह से शिव नगरी के रूप में परिवर्तित प्रतीत हो रहा था, जहां हर कोई भोले बाबा की भक्ति में सुधि-बुधि खोकर झूम रहा था। इस धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजन की शोभा बढ़ाने के लिए क्षेत्र के लोकप्रिय और सम्मानित भावी प्रधान सुनील निषाद को विशेष रूप से आमंत्रित किया गया था। कार्यक्रम में उनकी उपस्थिति ने इस आयोजन के महत्व को और अधिक बढ़ा दिया। जब भावी प्रधान सुनील निषाद बिजौरा निषाद बस्ती के इस पावन कीर्तन स्थल पर पहुंचे, तो आयोजकों और स्थानीय ग्रामीणों ने उनका गर्मजोशी के साथ भव्य स्वागत किया। उन्होंने भी पूरी श्रद्धा के साथ भगवान भोलेनाथ के दरबार में हाजिरी लगाई और माथा टेककर क्षेत्र की सुख-समृद्धि, शांति और उन्नति के लिए आशीर्वाद मांगा जनता के बीच अपनी सक्रियता और मिलनसार स्वभाव के लिए पहचाने जाने वाले भावी प्रधान सुनील निषाद ने इस दौरान उपस्थित सभी श्रद्धालुओं, बुजुर्गों और युवाओं से मुलाकात की तथा इस प्रकार के धार्मिक आयोजनों को सामाजिक एकता की असली ताकत बताया। उन्होंने कहा कि सावन का महीना हमें भगवान शिव और माता पार्वती के प्रेम के साथ-साथ प्रकृति के संरक्षण और समाज में आपसी प्रेम का संदेश देता है। ऐसे धार्मिक अनुष्ठान हमारी प्राचीन संस्कृति और सनातन परंपराओं को जीवित रखने का कार्य करते हैं, जिससे नई पीढ़ी को भी अपने संस्कारों से जुड़ने की प्रेरणा मिलती है। कीर्तन के अंत में सभी भक्तों के बीच महाप्रसाद का वितरण किया गया, जिसे ग्रहण करने के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। इस आयोजन को सफल बनाने में बस्ती के तमाम युवाओं और गणमान्य नागरिकों का अभूतपूर्व योगदान रहा, जिन्होंने दिन-रात मेहनत करके इस धार्मिक कार्यक्रम को भव्यता प्रदान की। मेजा के बिजौरा निषाद बस्ती में हुआ यह सावन कीर्तन और कांवड़ियों का यह उत्साह लंबे समय तक क्षेत्रवासियों के दिलों में एक सुखद और पावन स्मृति के रूप में बसा रहेगा।


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