ब्यूरों रिपोर्ट, संजय कुमार चौधरी
बिचौलियों और दलालों से मुक्ति दिलाई
ग्रामीण क्षेत्रों में सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाना और बिचौलियों के चक्कर में फंसना गरीबों की नियति बन चुकी थी। सुनील कुमार निषाद ने इस स्थिति को गहराई से समझा और खुद को ग्रामीणों और प्रशासन के बीच एक सेतु (Bridge) के रूप में स्थापित किया। आज स्थिति यह है कि बिजौरा सहित आसपास के दर्जनों गांवों के लोग अपनी समस्याओं को लेकर किसी और के पास जाने के बजाय सीधे सुनील के पास आते हैं।
सरकारी लाभ का बना 'संबल'
सुनील कुमार के अथक प्रयासों से पिछले कुछ समय में सैकड़ों लोगों को निम्नलिखित सुविधाएं प्राप्त हुई हैं:
प्रधानमंत्री आवास: पक्के मकान के सपनों को साकार करते हुए पात्र परिवारों को आवास सूची में शामिल कराना और उनकी फाइलों को समय पर अप्रूव करवाना।
स्वच्छ पेयजल: गांवों में बंद पड़े हैंडपंपों की मरम्मत से लेकर नए बोरवेल लगवाने तक, सुनील ने जनस्वास्थ्य विभाग के साथ समन्वय कर पेयजल संकट को दूर किया है।
रोजगार और सुरक्षा: सैकड़ों ग्रामीणों के लिए मनरेगा जॉब कार्ड बनवाकर उन्हें रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए हैं। इसके अलावा, बिजली कनेक्शन जैसी बुनियादी जरूरतों के लिए उन्होंने विभाग से लगातार संपर्क साधा है।
निस्वार्थ सेवा ही पहचान
सुनील कुमार निषाद की सबसे बड़ी विशेषता उनकी निस्वार्थ भावना है। वे इस सेवा कार्य के लिए न तो कोई शुल्क लेते हैं और न ही किसी राजनीतिक लाभ की अपेक्षा रखते हैं। ग्रामीणों का कहना है कि सुनील जी के लिए 'जन-सेवा ही ईश्वर की सेवा है'। वे बुजुर्गों का सम्मान करना और जरूरतमंदों के लिए दौड़-धूप करना अपना कर्तव्य मानते हैं।
स्थानीय लोगों की प्रतिक्रिया
बिजौरा गांव के बुजुर्गों का कहना है कि सुनील कुमार जैसे युवा आज के समय में विरले ही मिलते हैं। वे सुबह से ही अपने काम छोड़कर दूसरों की समस्याओं के समाधान के लिए तत्पर रहते हैं। उनके इस कार्य से न केवल ग्रामीणों का आर्थिक और सामाजिक स्तर सुधरा है, बल्कि सरकारी योजनाओं के प्रति लोगों का भरोसा भी बढ़ा है।
समाज के लिए प्रेरणा
सुनील कुमार निषाद का यह कार्य न केवल उनके क्षेत्र के लिए बल्कि पूरे प्रयागराज के युवाओं के लिए एक अनुकरणीय उदाहरण है। उन्होंने सिद्ध कर दिया है कि किसी भी बड़े बदलाव के लिए पद से ज्यादा सेवा भाव की आवश्यकता होती है। वे आज मेजा क्षेत्र के युवाओं के लिए प्रेरणा पुंज बन चुके हैं, जो निस्वार्थ भाव से समाज निर्माण में जुटे हुए हैं।

