• पीड़ित दिव्यांगजनों की आशा की किरण भारत विकास दिव्यांग अस्पताल - सुशील मोदी
रिपोर्टर - अशोक कुमार • सीमांचल एक्सप्रेस न्यूज
पटना : भारत विकास एवं संजय आनंद विकलांग अस्पताल के 25वें रजत जयंती वर्ष पर आयोजित 162वाँ पोलियो एवं करेक्टिव शल्य चिकित्सा शिविर का उद्घाटन बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री एवं सांसद श्री सुशील कुमार मोदी, सूरत से दिव्यांग सेवा को समर्पित शत प्रतिशत दिव्यांग पदम्श्री कानू भाई टेलर, अमेरिका से आए सुनील आनंद एवं अनुपमा आनंद, नंद किशोर यादव, डॉ॰ एस-एस- झा, श्री देशबन्धु गुप्ता एवं पदम्श्री बिमल जैन ने सामूहिक रूप से किया।
श्री सुशील कुमार मोदी के 72वें जन्म दिवस पर अस्पताल परिवार की ओर से तिलक, अंगवस्त्र एवं प्रतीक चिन्ह से सम्मनित किया गया। इस अवसर पर सुशील कुमार मोदी जी ने अस्पताल की सेवाओं के लिए आभार व्यक्त करते हुए कहा कि पीड़ित मानवता की सेवा का बिहार का यह रोल मॉडल सेन्टर है जो दिव्यांगजनों की आशा की किरण है। सूरत से आए डिसेबल वेलफेयर ट्रस्ट ऑफ इंडिया के पदम्श्री कानू भाई टेलर ने आश्चर्य व्यक्त किया कि बिहार में भी बड़े रूप से इस प्रकार की सेवा की जा रही है। उन्होंने कहा कि शायद देश का एक अनूठा सेवा संस्थान है। देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी भी इनसे प्रेरणा लेते रहे हैं। इस अवसर पर श्री सुनील आनंद ने कहा कि बेटे की असामयिक मृत्यु ने जीवन बदल दिया। विगत् 24 वर्षों से प्रतिवर्ष बिहार आकर पीड़ितों की सेवा करने का सौभाग्य मुझे मिला है। अभी तक 40,000 दिव्यांगजनों को कृत्रिम पैर उपकरण, 10,000 से ज्यादा पोलियो एवं करेक्टिव शल्य चिकित्सा कर 30 करोड़ की सेवाएँ समाज को अर्पित की जा चुकी है। श्री नंदकिशोर यादव ने कहा कि इस अस्पताल की सेवा के कारण मेरा विधान सभा क्षेत्र दिव्यांगता मुक्त हुए 10 वर्ष से ज्यादा हो गया है।
आज 35 मरीजों की शल्य चिकित्सा तथा 40 मरीजों की जाँच डॉ॰ एस-एस- झा एवं टीम द्वारा की गयी। विगत् 15 वर्षों से सेवा को समर्पित डॉ॰ मिथिलेश, डॉ॰ जीवेन्दु चौधरी को सम्मानित किया गया। रजत जयंती वर्ष पर आशा बिहार द्वारा अस्पताल के यशस्वी योगदान हेतु प्रशस्ति पत्र भेंट किया गया। श्री सुशील मोदी के 72वें जन्म दिवस पर दिव्यांगजनों के बीच तिपहिया साइकिल वितरित किया गया। आज के शिविर का प्रायोजन अध्यात्म, अहिंसा एवं शाकाहार को समर्पित संस्था आशा बिहार, जयदीप श्रीवास्तव, संदीप ड्रोलिया, लायंस क्लब ऑफ पटना सेन्ट्रल एवं सरदार गुरप्रीत सिंह द्वारा प्रायोजित था।
अस्पताल से जुड़े हुए अनेकों समाजसेवियों ने अस्पताल से दिल से जुड़े रहने का संकल्प लिया। साथ ही मानसिक विकृति के शिकार बच्चों के लिए अन्तर्राष्ट्रीय मानदंड का नया केन्द्र के लिए सहयोग देने का वचन दिया। कार्यक्रम का प्रारंभ रामजी के भजन से प्रारंभ हुआ तथा 22 जनवरी को भगवान राम की प्राण प्रतिष्ठा को राष्ट्र के गौरव का प्रतीक महसूस किया गया। राष्ट्रगान से कार्यक्रम का समापन हुआ। अस्पताल के प्रबन्ध न्यासी श्री विवेक माथुर ने सबों से अनुरोध किया कि सेवा का इस मंदिर से जुड़ें और जिंदगी को सार्थक बनाए


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