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| IAS अधिकारी केके पाठक और शिक्षा मंत्री प्रो. चंद्रशेखर |
• बिहार में के० के० पाठक लाख प्रयास शिक्षा में सुधार हेतु करें किन्तु होगा वही जो .............. अशोक कुमार
पटना: हमारे बिहार वासी भली भांति जानते हैं कि बिहार का शिक्षा व्यवस्था वेपटरी हो चुकी है। विगत 25-30 वर्षों में बिहार की शिक्षा व्यवस्था कलंकित हो चुका है जिसका फायदा बड़े बड़े शिक्षा माफियाओं ने लिया है और ये माफिया कोई छोटे तबके के लोग नहीं हैं ये बड़े-बड़े राजनेताओं के निकटतम संगे सम्बन्धी, बड़े उधोगपति, बड़े ओहदेदार नौकरशाह लोग है। आज बिहार में सी० बी० एस० ई० के जितने भी विद्यालय है, मेडिकल, इंजीनियरिंग कॉलेज, नर्सिंग कॉलेज, आई टी आई सब के सब इन्ही पूंजीपति उद्योगपतियों एवं राजनेताओं द्वारा संरक्षित बड़े लोगों द्वारा संचालित हो रहे हैं। इसके अलावा बिहार के जितने भी बड़े शहर है वहाँ प्राइवेट हॉस्पीटल, नर्सिंग होम, गैस एजेंसी, पेट्रोल पम्प, सड़क, पुल निर्माण के ठीकेदार, सरकारी हॉस्पीटल में एजेंसी दारा सुरक्षा गार्ड प्रदान करता, कर्मचारी सप्लाई देना ये सभी काम राजनेताओं के निकटतम ओहदेदार बड़े लोगों द्वारा ही किया जा रहा है। उसी का परिणाम है हमोर बिहार राज्य में शिक्षा में गिरावट, हास्पीटल की दुर्दशा, सड़को की दुर्दशा होते जा रहा है। एकबार मैं श्री अशोक कुमार सीमांचल एक्सप्रेस उप ब्यूरो चीफ बिहार अपने प्रदेश के लोगों को जागरूक करना चाहता है कि आने वाले चुनावी मौसम में इन बातों पर ध्यान देकर गंभीरता पूर्वक अपना मतदान करें।
• यह आलेख श्री अशोक कुमार जी द्वारा सीमांचल एक्सप्रेस में जनहित के प्रकाशित किया गया। किसी भी कर्मचारी, पदाधिकारी, राजनेता या किसी अनन्यन व्यक्ति के निजी व्यभिचार या कार्यप्रणाली को आहत ठेस पहुंचाने की हमारी कोई मंशा नहीं है यह जनता को जागरूक करने के लिए प्रकाशित किया गया।
