आज कल बिहार के मुख्यमंत्री श्री नीतिश कुमार जी अचानक निकल पड़ते...........
पटना: बिहार के मुख्यमंत्री माननीय श्री नीतिश कुमार जी अचानक ही सबकुछ कर रहे हैं। ये श्रीमान अचानक ही एनडीए गठबंधन से संबंध तोड़कर, महागठबंधन की सरकार बनाए महागठबंधन के बाद अचानक "इंडिया गठबंधन बनाए। फिए अचानक ही दिल्ली में प्रधानमंत्री से मिले, वहाँ हो लौटने के बाद अचानक ही श्रीमान मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार जी औचक निरीक्षण करने पुराने सचिवालय पहुंचे, तत्पश्चात नये सचिवालय और जदयू कार्यालय का औचक निरीक्षण किए। अचानक ही ये श्रीमान अपने विश्वसनीय मित्र राजीव रंजन "के इथनाल' प्लांट का उद्घाटन करने पावापुरी गये और 'अब अचानक ही छोटु सिंह के घर पर गये जहाँ इन्हे कलम भेंट किया गया । शायद छोटु सिंह जिन्हें कभी मुख्यमंत्री नाम तक नहीं जानते थे अचानक से मुख्यमंत्री के बहुत निकट के आदमी बनकर पदासीन हो गये। शायद इन्हें अभी तक पुराने दिनों की अचानक याद क्यों नहीं आ रहा है आश्चर्य की बात है ? इन्हें आगे बढ़ाने में न राजीव रंजन जी साथ में थे न छोटु सिंह साथ में थे न इनके बहुतेरे करीबी साथ में थे। जब समता पार्टी का गठन हुआ था शायद ही इन लोगों ने माननीय मुख्यमंत्री श्री नीतिश कुमार जी के लिए या समता पार्टी के लिए कुछ किया। आज सत्तासीन होने पर मुख्यमंत्री जी के बहुतेरे लोग करीबी हैं लेकिन इनके संघर्ष के दिनों में साथ रहने वाले बहुतेरे चेहरे गुमनाम से हो गये हैं ऐसा मानना है सीमांचल एक्सप्रेस न्यूज के उप ब्युरो चीफ श्री अशोक कुमार का।
