• क्यों नहीं कहा जाय कि बिहार में जंगलराज है, अशोक कुमार
पटना: बिहार में वर्तमान शासन व्यवस्था को जंगलराज की उपाधि दिया जाता है। यह जंगलराज लालू यादव के शासन काल का धोतक है जब बिहार में लालू राबड़ी का शासन था तब इनके भाई ने जंगल राज जैसे प्रवृति अपनाया था। आज बिहार के किसी भी समाचार पत्र को देखिए। हर दिन चोरी, डकैती, हत्या, माफियाओं का बालू, सेन्टर मैनेज, भूमाफियाओं का जमीन कब्जा, छिनताई, सड़क जाम यहाँ तक कि सरकारी पदाधिकारीयों का घुसखोरी रुकने का नाम नहीं ले रहा है। अब तो थानेदार भी खुलेआम 'ऑनलाईन पैसा वसुली का धंधा करने लगे है जिसका जीता जागता उदाहरण बेऊर भाने के प्रशिक्षु दारोगा अंजनी कुमार, हवलदार सिखारी कुमार, होमगार्ड जवान सुबोध कुमार, बेऊर थाना के निजी वाहन चालक वीरेन्द्र कुमार शामिल है। जबकि एक होमगार्ड का जवान सुमन कुमार फरार है जब थानेदार ही इतना बड़ा काण्ड कर सकता है तो अब बिहार सरका के पास बचा ही क्या है? मुख्यमंत्री श्री नीतिश कुमार जी चाहकर भी इसपर नियंत्रण नहीं कर पा रहे है जिससे महागठबंधन की सरकार के मुखिया बदनाम हो रहे हैं। मुख्यमंत्री करें तो क्या करें ? उहापोह में फँसे है, चूंकि राजद के साथ गठबंधन कर बुरी तरह से फंस चुके हैं

