पटना नगर निगम आयुक्त का दावा हास्यास्पद - अशोक कुमार
पटना महानगर में सड़कों पर कुड़े का अम्बार गलियों में पानी भराव, डेंगु का भयंकर प्रकोप, घर घर में कुड़ेदान का भरा पड़ा रहना, सड़कों पर सड़े दुर्गंध और उसपर निगम आयुक्त का दावा कि कुड़ा उठाव हो रहा है कितना नगरवासियों के लिए हास्यास्पद है। नगर आयुक्त किस मुँह से दावा करते हैं कि सफाई व्यवस्था पटरी पर आ रही है। किसी भी कालोनी को देखा जाय कहीं सफाई कार्य सम्पन्न नहीं हो रहा है। नहीं कुड़े का उठाव हो रहा है केवल अपनी कुर्सी बचाने को पेपरवाजी किया जा रहा है। आयुक्त पद पर बैठे व्यक्ति अगर इतना झूठ बोल सकता है तो आम आदमी का क्या कहना है मेयर, डिप्टी मेयर वार्ड पार्षद सबों की जिम्मेदारी बनती है कि इस हड्ताल में कोई वैकल्पिक व्यवस्था करें • किन्तु ये पदासीन लोगों को अपने कर्तव्यों का भी बोध नहीं है तो फिर क्या किया जा सकता है। केवल चुनाव में लंबे लंबे वादे करने तक ही सीमित हैं धिक्कार है ऐसे जनप्रतिनिधियों पर जो जनता की समस्याओं का हल न निकाल सके।
