• पटना नगर निगम की घोषणा केवल कागजी घोड़ा के समान
संवाददाता • अशोक कुमार सीमांचल एक्सप्रेस
पटना ।। बिहार।। सावन समाप्त होने को है तो वहीं बिहार सरकार वर्षा नहीं होने के कारण सुखाड़ घोषित कर चुकी है
बीते 2 दिनों से कुछ वर्षा होने लगी है जिससे किसानों को के चेहरे पर थोड़ी खुशी आया है वहीं पटना नगर निगम के मेयर और अधिकारियों की घटनाएं तो सिर्फ कागजी घोड़ा दौड़ने के जैसा दिखता है।। साधारण वर्षा होने पर ही पटना नगर के सभी गलियों नालियों और अस्पतालों तक में पानी ही अपनी नजर आता है पटना का हालत दयनीय है जहां निकल पाना मुश्किल सा है नमामि गंगे का सारा कार्य अधूरा पड़ा है जिसका परिणाम यह है की पटना शहर के अंदर बाहर फैल चुका है परिणाम स्वरूप अगर कोई विद्यार्थी स्कूल जाना चाहे, खरीददारी के लिए बाजार जाना चाहे या फिर बीमार व्यक्तियों को हॉस्पिटल लेकर जाना हो सब दुर्लभ हो चुका है। सरकार मेयर और नगर आयुक्त के सभी दावे झूठे साबित हो रहे है फिर मेयर और नगर आयुक्त कुंभकरण की नींद अपने घरों में सो रहे हैं जबकि जनता परेशान बदहाल स्थिति में है वहीं खबर लिखे जाने तक नगर निगम के कर्मचारियों ने भी पानी निकालने की कोई कार्रवाई शुरू नहीं किया है। बजट का सारा पैसा पानी निकासी के योजनाओं के नाम पर खर्च हो जाता। आम आदमी इस खेल को क्या जाने मेयर और नगर आयुक्त सरकार को कोसनें की बात कर रहे हैं
