• नीतीश सरकार ने हिंदी सेवी के सम्मान राशि में किया बढ़ोतरी, किंतु हिंदी के वरिष्ठ साहित्यकार स्व. डॉ कृष्णनारायण प्रसाद मागध के प्रति सम्मान नहीं
साहित्यकार, स्वर्गीय डॉ कृष्णनारायण प्रसाद मागध |
®अशोक कुमार, सीमांचल एक्सप्रेस • उप ब्यूरो चीफ बिहार
नालंदा/पटना: बिहार सरकार के मुखिया श्री नीतीश कुमार जी ने वर्ष 2021- 2022 और वर्ष 2020-21 के लिए हिंदी दिवस पर हिंदी सेवी सम्मान कार्यक्रम में शामिल हुए। इस कार्यक्रम के अवसर पर माननीय मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार जी ने हिंदी सेवी सम्मान राशि जो पहले 50 हजार रुपए था बढ़ाकर 1 लाख रुपए देने की बात कही । हिंदी सेवी सम्मान कार्यक्रम में मौजूद पदाधिकारी सम्मान की स्वीकृति दे दी और सम्मान राशि भेजने की बात कही। किंतु सही साहित्यकार का चयन करना या इनके पास सही जानकारी नहीं होना यह दुर्लभ बात है। स्व. श्री कृष्णनारायण प्रसाद मागध जी। इतने बड़े साहित्यकार जिनकी पहचान राष्ट्रीय स्तर पर रही है फिर भी इन पदाधिकारियों एवं बिहार के माननीय मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जी, नालंदा के विधायक श्रवण कुमार, सांसद कौशलेंद्र कुमार जैसे लोग भी स्व. श्री कृष्णनारायण प्रसाद मागध जी जैसे साहित्यकार को गुमनाम कर दिए हैं। आश्चर्य की बात तो यह है कभी नालंदा के विधायक श्रवण कुमार जी स्वर्गीय श्री कृष्णनारायण प्रसाद मागध जी के पैर छूकर आशीर्वाद लिया करते थे। और आज ऐसे साहित्यकार को भूल चुके हैं

