संवाददाता • अरविंद पासवान सीमांचल एक्सप्रेस ब्यूरो रिपोर्ट
संवाददाता • अरविंद पासवान पटना (बिहार) : केके पाठक का गाली वाला वीडियो वायरल करने के मामले में फंसे दोनों अवर निबंधकों को निलंबन मुक्त कर दिया गया है. हालांकि एक सब रजिस्ट्रार को दंड के बाद निलंबन मुक्त किया गया, जबकि दूसरे अवर निबंधक को निलंबन मुक्त तो किया गया पर विभागीय कार्यवाही की अंतिम रिपोर्ट मिलने तक वेटिंग फॉर पोस्टिंग में रखा गया है. दरअसल, मद्य निषेध व निबंधन विभाग के तत्कालीन अपर मुख्य सचिव केके पाठक ने विभागीय मीटिंग में बिहारी अधिकारियों को लेकर अपशब्दों का प्रयोग किया था. वीडियो सामने आने के बाद भारी बवेला मचा था. बासा ने केके पाठक पर कार्रवाई की मांग की थी. विवाद बढ़ने के बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने मुख्य सचिव को आदेश दिया था कि पूरे मामले की जांच करें. हालांकि जांच के बाद केके पाठक पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। इधर, विभागीय बैठक का वीडियो रिकॉर्ड कर वायरल करने के आरोप में केके पाठक ने आंतरिक जांच कराई. जांच रिपोर्ट मिलने के बाद 1 मार्च 2023 को पकडीदयाल के तत्कालीन अवर निबंधक अहमद हुसैन को सस्पेंड कर दिया गया . इसके अलावे एक और अवर निबंधक बाबू बरही के प्रणव शेखर को भी इसी आरोप में निलंबित किया गया था. दोनों के खिलाफ विभागीय कार्यवाही संचालित की गई . अहमद हुसैन तत्कालीन अवर निबंधन पकडीदयाल के खिलाफ संचालित विभागीय कार्यवाही पूर्ण हो गई है. उन्हें आरोप वर्ष 2023-24 के लिए निंदन का दंड अधिरोपित किया गया है. इसके बाद उन्हें निलंबन मुक्त किया गया. जबकि प्रणव शेखर कोकेके पाठक का वीडियो वायरल करने वाले 'अफसर' हुए निलंबन मुक्त, गाली वाला VIDEO सामने आने के बाद मचा था भारी बवाल निलंबन मुक्त तो किया गया है लेकिन विभागीय कार्यवाही की जांच रिपोर्ट मिलने तक वेटिंग फॉर पोस्टिंग में रहने का आदेश जारी किया गया है.
