• स्वर्णिम वर्तमान के मुख्यमंत्री अधिकार एवं भटकाव के प्रवर्तक
• सीमांचल एक्सप्रेस उप ब्यूरो चीफ बिहार, अशोक कुमार
पटना : अभी कुछ दिनों पहले मुख्यमंत्री पर लिखित पुस्तक का विमोचन बड़े धूम-धाम से माननीय मुख्यमंत्री जी के प्रशंसकों ने किया। ये वो लोग थे जिन्हें आशा है कि आने वाले दिनों के चुनाव में सांसद या विधायक का टिकट मिल सकता है। वे प्रशंसक मुख्यमंत्री जी के तारीफ करते नहीं थक रहे हैं ऐसे बहुत से लोग हैं जो माननीय मुख्यमंत्री जी के एक स्वर में इनके रीति नीति राजनीति एव जंगलराज के रचयिता के के साथ रहने पर घुटन महसूस कर रहे हैं। माननीय मुख्यमंत्री जी अपने पुस्तक के विमोचन पर गदगद हो रहे हैं जबकि सैकड़ों पुस्तकों के रचयिता दर्जनों पुरस्कारों के विजेता सैकड़ों पुस्तकों के दानकर्ता जो नालंदा विश्वविद्यालय राजगीर के नवकाल में दान दें चुके हैं। प्रख्यात साहित्यकार स्वर्गीय डॉक्टर कृष्ण नारायण प्रसाद मागध को पद्य पुरस्कार की घोषणा तक नहीं कर सकने वाले माननीय मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जी गौरवान्वित हो रहें हैं। स्वर्गीय मागध जी से कम योग्य साहित्यकार को यह पुरस्कार स्वर्गीय मिथलेश मिश्रा जी को यह पुरस्कार मिला। इसके लिए कई बार मीडिया के द्वारा तथा धरणा भी दिया गया, किन्तु मागध जी के साथ अन्याय होता रहा 'अब देखा जो जारहा है, कि कब माननीय मुख्यमंत्री जी को सद्बुद्धि आता है और ये पद्म पुरस्कार के लिए स्वर्गीय डॉ मागध जी को नामांकित करते हैं
