• Seemanchal Express,Repoted By • Pradeep Kumar
पटना विश्वविद्यालय के नियमों को ताक पर रखते हुए अपने निजी स्वार्थ एवं अपने चहेतो के नामांकन हेतु कुलपति के द्वारा फिर से नए आवेदन की प्रक्रिया लाई गई है ।
पटना विश्वविद्यालय के पूर्व अध्यक्ष मनीष यादव ने कहा की पटना विश्वविद्यालय के इतिहास में दोबारा नामांकन हेतु आवेदन फ़ार्म निकालने की घटना बहुत ही निंदनीय है और इसमें सिर्फ़ विश्वविद्यालय की मंशा छात्रो को बरगला कर पैसा उगाही करना है विश्वविद्यालय में आर्ट्स साइंस और कॉमर्स के मुख्य विषयो में तीन लिस्ट निकलने के बाद सीटे समाप्त हो चुकी है अब जो सीटे बची है उसमे मुख्य रूप से अरबी , फ़ारसी , बंगला , संस्कृत , मैथिली और फ़ारसी जैसे विषयों में ही सीटे ख़ाली है । अब विश्वविद्यालय पहले से फार्म भरे बच्चों के साथ खिलवाड़ कर रही है जो इस उम्मीद में होंगे की स्पोर्ट राउंड या अगले मेरिट लिस्ट में उनका नाम आएगा । छात्र माननीय कुलपति और नामांकन कमिटी से ये जानना चाहते है की किनके आदेश से नियमों की अवहेलना करते हुए दोबारा आवेदन की प्रक्रिया शुरू की गई है ।मनीष में कहा की अगर इस प्रक्रिया को अगर नहीं रोका गया तो हम छात्र राजभवन और ज़रूरत पड़ी तो कोर्ट भी जाएँगे।
