संवाददाता - प्रदीप कुमार
पटना। दलित इंडस्ट्रीज के संस्थापक डॉ जितेंद्र पासवान ने कई वर्षों से गरीब दलित के बीच औद्योगिक के क्षेत्रों में ऐसे गरीबों को स्वावलंबी कर अपने पैरों पर खड़ा किया है जो एक मिसाल है ना जाने ऐसे कितने गरीबों के बीच स्वरोजगार यानी उद्योग लगवाए आज ऐसे ऐसे युवक जूतियां जो खुशहाल हैं उन युवक युवतियों कभी कल्पना भी ना की कि मैं एक उद्योग का मालिक हो सकता हूं जो आज के डेट में डॉ जितेंद्र पासवान के जो उपलब्धियां है इनके लेकर दलितों में एक नया उद्योग की शुरुआत किया गया इतना ही नहीं इस संस्थान से कई राज्यों में इनकी शाखाएं चलती है जो आज एक मिसाल कायम है इस संस्था द्वारा उद्योग से लेकर बैंक या कहीं भी परेशानी होती है तो इसके लिए इस संस्था हर समय प्रयासरत में रहता है क्योंकि जो भी युवक युक्तियां इस उद्योग के लिए आए हैं उन्हें ज्यादा से ज्यादा फायदा दिला कर उनको स्वावलंबी बनाने का काम किया जाता है सरकार की जो भी योजनाएं हैं उद्योग से संबंधित योजनाओं को पटल पर ला करके यह संस्था हर समय गरीबों के बीच कार्य को करते रहती है संस्था के संस्थापक श्री जितेंद्र कुमार से जब बातें हुई तो इन्होंने कैसे उद्योग के विषय में जानकारी देते हुए बताएं की हमें इसी तरह से सहयोग मिलता रहे तो मैं आगे आने वाला समय मैं उन गरीबों की आकांक्षाओं को पूर्ति करते रहूंगा डॉ जितेंद्र प्रसाद ने बताया कि जो भी हमारे यहां से जो आवेदन के द्वारा सरकार की जो योजनाएं हैं उसको तत्कालीन मैं उस पर अप्रूवल कर उसे उद्योग से जोड़ने का काम करते रहता हूं क्योंकि हमारे लोग ज्यादा परेशान या ज्यादा भागदौड़ ना हो
