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| स्वामी दयानंद अस्पताल, फाइल फोटो |
• अस्पताल में नहीं है सीएमओ एडमिन पद,फिर भी पद पर काम कर रहे हैं डाक्टर
•-बकायदा ऑफिस ऑर्डर भी निकाल डाक्टर को दे दिया गया पोस्ट
•-लेकिन एमसीडी प्रशासन और अस्पताल प्रशासन के पास भी नहीं है कोई जवाब
दिल्ली/दिलशाद गार्डन: यमुनापार में एमसीडी का सबसे बड़ा अस्पताल स्वामी दयानंद अकसर विवादों के कारण सुर्खियों में रहता है। अभी अस्पताल के नर्सिंग कॉलेज की छात्राओं के साथ यौन शोषण और भ्रष्टाचार के कारण विवाद में है। अब नया मामला अस्पताल के सीएमओ एडमिन पद का आया है। अगर एमसीडी की कागजात की माने तो अस्पताल में सीएमओ एडमिन का कोई पद ही नहीं है। लेकिन डॉक्टर ग्लैडविन त्यागी बकायदा इस पद पर कार्यरत है। डॉक्टर त्यागी को अस्पताल प्रशासन ने सीएमओ एडमिन के पद का ऑफिस ऑर्डर जारी कर रखा है। इस ऑर्डर पर चिकित्सा अधीक्षक का भी हस्ताक्षर भी है। ऑफिस ऑर्डर के मुताबकि डॉक्टर त्यागी को 27 जनवरी 2023 से इस पद की जिम्मेदरी सौंपी गई थी। वही एमसीडी के माने तो यह पोस्ट है ही नहीं। अस्पताल सूत्रों के मुताबिक डॉक्टर त्यागी का इतना प्रभाव है कि कोई उनके खिलाफ आवाज तक नहीं उठा सकता है। जबकि पहले भी उन पर कई बार भ्रष्टाचार के आरोप लग चुके हैं।
• जूनियर होकर भी उन्हें बना दिया सीनियर
एमसीडी के साक्ष्यों की माने तो डॉक्टर ग्लेडविन त्यागी से भी अस्पताल में कई सीनियर बड़े डॉक्टर है। लेकिन उनलोगों के रहते हुए अस्पताल के ज्यादातर अधिकार त्यागी को दे दिया गया। डॉक्टर त्यागी जनरल कैटेगरी से आते है। 23 जुलाई 2010 को अस्पताल में कार्यभार संभाला था। उनकी रैंक नंबर भी 1214 है। उसके बावजूद उन्हें अस्पताल का सीएमओ एडमिन बना दिया गया। जबकि यह कोई पोस्ट ही नहीं है। एमसीडी और अस्पताल प्रशासन के पास नहीं है कोई जवाब
• कहां है आखिर गड़बड़
अगर अस्पताल में एडमिन सीएमओ पोस्ट बनाया गया है तो एमसीडी या अस्पताल प्रशासन को इसकी जानकारी देने में क्या समस्या है। अगर यह पोस्ट है ही नहीं तो आखिर एमएस के हस्ताक्षर वाला ऑफिस ऑर्डर कहां से आया। लेकिन इस पर एससीडी अधिकारी हो या अस्पताल प्रशासन सबने चुप्पी साध रखी है।
