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| फाइल फोटो, प्रत्यय अमृत पटना |
संवाददाता • अशोक कुमार
पटना ! बिहार सरकार के स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव श्री प्रत्यय अमृत द्वारा सफाई एजेंसियों को फटकार लगाना केवल दिखावा है। इन एजेंसियों को इन्हीं अधिकारियों द्वारा कार्य करने का टेंडर जारी किया जाता रहा हैं जबकि बिहार मेडिकल कालेजों एवं अस्पतालों की हालात इन अधिकारियों से छिपा हुआ भी नही है । जबकि कोई भी एजेंसी सही ढंग से कार्य नही कर रहा है केवल सरकारी खजाने का दुरूपयोग हो रहा है। अगर एजेंसी सही से कार्य किया होता तो सचिव स्तर के पदाधिकारी को अल्टीमेटम देने की क्या जरूरत थी। यह सच है कि उपमुख्यमंत्री तथा स्वास्थ्य मंत्री भी अस्पताल के औचक निरीक्षण में ना जाने कितना गड़बड़ी पाए है किंतु इसका कोई निदान नहीं निकाल पाए। यह सब केवल जनता के विश्वास के साथ धोखा है। इन सभी एजेंसियों को कार्य करने का टेंडर जनता तो देती नहीं है इन सभी एजेंसियों को कार्य करने का अधिकार भी तो पदाधिकारी या मंत्री ही देते हैं ऐसे एजेंसियों को काम दिया क्यों जाता है, आखिर इसका मकसद क्या है? कहीं ना कहीं दाल में काला है।

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