नई दिल्ली। दिल्ली विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष रामवीर सिंह बिधूड़ी ने कहा है कि उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया तुरंत इस्तीफा दे दें क्योंकि उनके खिलाफ इतने ज्यादा मामले हो चुके हैं कि उन्हें अब अपने पद पर बने रहने का कोई नैतिक या संवैधानिक अधिकार नहीं है। दिल्ली सरकार की फीडबैक यूनिट का भंडाफोड़ होने के बाद यह स्पष्ट हो चुका है कि आम आदमी पार्टी सरकार सारे नियमों और कानूनों को ताक पर रखकर काम कर रही है।
बिधूड़ी ने कहा है कि उपराज्यपाल महोदय ने अब उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया के खिलाफ मुकदमा चलाने की अनुमति राष्ट्रपति से मांगी है। सीबीआई ने पहली नजर में ही सिसोदिया को फीडबैक यूनिट के गठन के लिए जिम्मेदार ठहराया है। वह दिल्ली सरकार के विजिलेंस विभाग के मुखिया रहे हैं और यह यूनिट उन्हीं के तहत बनाई गई है। इस यूनिट को राजनीतिक जासूसी का काम दिया गया जोकि गैरकानूनी और अनैतिक था। फीडबैक यूनिट को एक करोड़ रुपया दिया गया जोकि दिल्ली की जनता के खून-पसीने की कमाई से दिए गए टैक्स का अवैध इस्तेमाल है। इस तरह दिल्ली के खजाने की यह खुली लूट है। आम आदमी पार्टी सरकार ने इस राशि से राजनीतिक लोगों की जासूसी कराई।
बिधूड़ी ने कहा कि फीडबैक यूनिट विजिलेंस विभाग को मजबूत करने के नाम पर बनाया गया लेकिन वास्तव में इसका मकसद कुछ और था। फीडबैक यूनिट में सारे पूर्व अधिकारियों को रखा गया और उन्हें सरकार की गोपनीय फाइलें दी गई। इस यूनिट के गठन के लिए कोई केबिनेट नोट तक नहीं बनाया गया था।
उन्होंने कहा कि इससे पहले सिसोदिया शराब घोटाले में आरोपी हैं और क्लास रूम घोटाले में भी उनका नाम है। ऐसी स्थिति में उन्हें तत्काल अपने पद से इस्तीफा दे देना चाहिए क्योंकि उनके पद पर रहते हुए इन आरोपों की निष्पक्ष जांच नहीं हो सकती।।
-रामवीर सिंह बिधूड़ी
नेता प्रतिपक्ष, दिल्ली विधानसभा
