• सदन में लोकतंत्र की हत्या पर भाजपा विधायकों ने काले कपड़े पहनकर जताया शोक• भ्रष्टाचार पर चर्चा को मंजूरी के बाद भी नहीं बोलने दिया विधानसभा में• छह विधायकों को मार्शल से निकलवाया बाहर, बिधूड़ी-गुप्ता ने किया वाकआउट• केजरीवाल मंत्रिमंडल बन गया है भ्रष्टाचारियों की मित्रमंडली: बिधूड़ी
नई दिल्ली। दिल्ली विधानसभा में भाजपा विधायकों ने केजरीवाल सरकार द्वारा लोकतंत्र की हत्या करने पर शोक प्रकट करते हुए काले कपड़े और काली पगड़ी पहनी। उन्होंने कहा कि केजरीवाल सरकार तानाशाहीपूर्ण और मनमाना रवैया अपनाते हुए विपक्ष का गला घोंट रही है। विपक्ष के नियमानुसार नियम-55 के अंतर्गत भ्रष्टाचार पर चर्चा को मंजूरी देने के बावजूद उन्हें सदन में बोलने की इजाजत नहीं दी गई। छह विधायकों को मार्शल द्वारा विधानसभा से बाहर निकाल दिया गया। इस पर नेता प्रतिपक्ष रामवीर सिंह बिधूड़ी और वरिष्ठ विधायक श्री विजेंद्र गुप्ता वाकआउट कर गए। संविधान द्वारा प्रदत्त अधिकारों को छीनने के कारण भाजपा के सभी विधायकों ने इसके बाद विधानसभा परिसर में बाबा साहेब अम्बेडकर की प्रतिमा के सामने धरना दिया।
नेता प्रतिपक्ष रामवीर सिंह विधूड़ी ने बताया कि भाजपा के विधायकों ने नियम-55 के अंतर्गत विषय उठाने के लिए विधानसभा अध्यक्ष के पास नोटिस भेजा था जिसे मंजूर कर लिया गया। भाजपा विधायक केजरीवाल सरकार के भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाना चाहते थे। केजरीवाल सरकार पूरी तरह भ्रष्टाचार में डूबी हुई है। शराब घोटाले में हजारों करोड़ रुपए आप नेताओं की जेब में जाने के पर्याप्त सबूत सामने आ चुके हैं। क्लास रूम घोटाले में तो स्वयं केंद्रीय सतर्कता आयोग ने रिपोर्ट दी है। जल बोर्ड घोटाले का आलम यह है कि 2016 के बाद न तो बैलेंस शीट बनी है और न ही ऑडिट हुआ है। डीटीसी की एक हजार बसों की खरीद में घोटाले का भेद खुलने के बाद स्वयं केजरीवाल सरकार को वर्क ऑर्डर कैंसिल करना पड़ा। बिजली सबसिडी घोटाला भी किसी से छिपा नहीं है जिसमें प्राइवेट कंपनियों को हजारों करोड़ रुपए का अवैध लाभ पहुंचाया गया।
बिधूड़ी ने कहा कि मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल स्वयं भ्रष्टाचार के पोषक बने हुए हैं क्योंकि उनके अपने मंत्री सत्येंद्र जैन लगभग आठ महीने से जेल में हैं लेकिन केजरीवाल उन्हें मंत्रिमंडल से हटाने के लिए तैयार नहीं हैं। केजरीवाल का मंत्रिमंडल अब भ्रष्टाचारियों की मित्रमंडली बन गई है।
उन्होंने कहा कि भाजपा विधायकों ने नियमानुसार यह विषय उठाने के लिए अनुरोध किया था और इसे एजेंडा में भी शामिल कर लिया गया लेकिन स्पीकर द्वारा विधानसभा में उठाने की अनुमति नहीं दी गई। भाजपा विधायकों सर्वश्री मोहन सिंह बिष्ट, ओमप्रकाश शर्मा, जितेंद्र महाजन, अनिल वाजपेयी, अजय महावर और अभय वर्मा को मार्शल द्वारा बाहर निकलवा दिया गया। इसके विरोध में बिधूड़ी और विजेंद्र गुप्ता ने वाकआउट कर दिया। केजरीवाल और उनके साथियों को पता है कि ये मामले विधानसभा में उठने के बाद उनके पास कोई जवाब नहीं होगा और सदन में उनकी किरकिरी होगी। इसीलिए उन्होंने लोकतंत्र की हत्या करते हुए सदन में यह विषय नहीं उठाने दिया। दुनिया में कहीं भी ऐसा उदाहरण नहीं मिलेगा जहां अनुमति देने के बाद सदन में किसी विषय पर न बोलने दिया गया हो।
