![]() |
| द अवेयर कंज्यूमर पत्रिका के विमोचन के साथ दिल्ली पुस्तक मेला में तीन दिवसीय आरजेएस आजादी की अमृत गाथा संपन्न |
नई दिल्ली। इंडिया ट्रेड प्रमोशन आर्गेनाइजेशन,आईटीपीओ द्वारा दिल्ली के प्रगति मैदान में 22 से 26 दिसंबर तक चल रहे 26 वें दिल्ली पुस्तक मेला में राष्ट्रीय उपभोक्ता दिवस के उपलक्ष्य में श्रृंखलाबद्ध आजादी की अमृत गाथा के सह-आयोजक “द अवेयर कंज्यूमर पत्रिका” का ऑथर्स काॅर्नर के मंच पर मुख्य अतिथि राष्ट्रीय पुस्तक न्यास में संपादक डा लालित्य ललित ने विमोचन किया। आरजेएस पाॅजिटिव मीडिया प्रमुख उदय कुमार मन्ना ने कहा कि इस अवसर पर मुख्य वक्ता हिन्दी अकादमी दिल्ली सरकार में उपसचिव ऋषि कुमार शर्मा, मानवाधिकार कार्यकर्ता शबनम फाजिल खान, कवयित्री सपना दत्ता सुहासिनी, कवि रामानुज सिंह सुंदरम् और आरजेएस स्वागत समिति के चेयरमैन राजेन्द्र सिंह कुशवाहा और एजुकेशन पोस्ट के तनय ने भी आजादी की अमृत गाथा के 109वें कार्यक्रम को संबोधित किया। अंतर्राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त कंज्यूमर पॉलिसी के विशेषज्ञ प्रो. बिजाॅन कुमार मिश्रा ने वर्चुअली संबोधित किया। कार्यक्रम में “द अवेयर कंज्यूमर” और विभिन्न प्रकाशकों की पुस्तकों और पत्रिकाओं को दर्शकों को भेंट किया गया। कार्यक्रम फिजिकल व वर्चुअल दोनों मोड़ में आयोजित हुआ।
मुख्य अतिथि राष्ट्रीय पुस्तक न्यास में संपादक और साहित्यकार डॉ लालित्य ललित ने कहा कि शब्द ब्रह्म हैं, हमारे जीवन में मुद्रित शब्द का बहुत महत्व है और किताबें जोड़ती है नेशनल बुक ट्रस्ट ने गत वर्ष 35 वर्ष से कम उम्र के युवा लेखकों की 75 रचनाएं प्रकाशित कर उनका मनोबल बढ़ाया उन्हें राॅयल्टी मिलेगी। उन्होंने कहा कि गूगल की जानकारी हर दम सही हो ऐसा नहीं है। लेकिन पुस्तकें और गुगल को एक दूसरे के सहयोगी बनाएं।उन्होंने कहा कि नेशनल बुक ट्रस्ट द्वारा 25 फरवरी से 5 मार्च2023 के बीच विश्व पुस्तक मेले का आयोजन दिल्ली के प्रगति मैदान में किया जाएगा। उन्होंने द अवेयर कंज्यूमर पत्रिका के अंक का विमोचन भी किया।मुख्य वक्ता हिंदी अकादमी दिल्ली सरकार के उप सचिव ऋषि कुमार शर्मा ने कहा कि देश में सकारात्मक और रचनात्मक संदेश देने में आरजेएस टीम की भूमिका प्रशंसनीय है।पुस्तके हमें इतिहास से परिचित कराती हैं कल्पना के लोक में शेयर कर आती हैं और साथ ही साथ पुस्तके हमें आने वाले भविष्य से भी परिचित कराती हैं। जीवन में अगर आशावादी सोच है तो उसे आगे बढ़ने से कोई नहीं रोक सकता पढ़ना और उसे अपने व्यवहार में लाना जीवन का उद्देश्य होना चाहिए उसके ज्ञान को समाज तक पहुंचाने की जिम्मेदारी हमारी है।इस अवसर पर स्वरवेणी म्यूजिक गुरुकुल गाजियाबाद के कलाकार प्रशांत श्रीवास्तव, प्रज्ञा और गीता ने सरस्वती वंदना और देशभक्ति गीतों से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया

