दिल्ली में पीने के पानी की समीक्षा- विश्लेषण




• दिल्ली में पीने के पानी की समीक्षा- विश्लेषण"

•  दिल्ली : पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित जी की सरकार जब आई, दिल्ली में पीने के पानी की बहुत परेशानी थी उन्होंने पानी का इंतजाम किया तथा 580 MGD से 920 MGD तक पीने के पानी की व्यवस्था की तथा उनके समय में पानी के कनेक्शन 12 लाख से बढ़कर 20 लाख तक पहुंचे,, उस समय इतना काम पानी की क्रांति कह सकते है । केजरीवाल के समय में पानी की व्यवस्था बढ़कर हुई 920 MGD से सिर्फ 921 MGD,और दिल्ली की बढ़ती आबादी के अनुसार कनैक्शन 20 लाख से 25 लाख हो ग्ए

• बढ़ती मांग की भरपाई करने के लिए केजरीवाल ने जमीन से पानी निकालने के लिए 600 से अधिक अवैध बोरवेल तैयार कराए हैं जो पानी पीना तो दूर नहाने धोने के लिए भी उचित नहीं है,जल शक्ति मंत्रालय और केंद्रीय भूजल बोर्ड की लेबोरेट्री से प्राप्त जानकारी के अनुसार दिल्ली में जमीन के पानी में अनेक रासायनिक पदार्थ जैसे कैडमियम, क्रोमियम, नाइट्रेट, लैड, आयरन, की मात्रा बहुत अधिक है जो हमारे स्वास्थ्य के लिए बहुत हानिकारक है तथा इस पानी को पीने से लीवर किडनी और कैंसर जैसी अनेक घातक जानलेवा बीमारी के आंकड़े लगातार बढ़ रहे हैं 

• दिल्ली में पीने के पानी से संबंधित गंदे और बदबूदार पानी की लगातार बढ़ती शिकायतों की मुख्य वजह है दिल्ली सरकार द्वारा जमीन के दूषित और जहरीले पानी की सप्लाई, यहां अब तक जमीन से पानी निकालने के लिए केजरीवाल ने 600 से अधिक अवैध बोरवेल तैयार कराए हैं जिनसे निकाला जाने वाला पानी जल बोर्ड के माध्यम से पीने के लिए सप्लाई किया जा रहा है

• इतिहास गवाह है कि जनता द्वारा चुनी गई सरकारें जनहित और लोक कल्याण के लिए नई योजना लाती हैं लेकिन दिल्ली की वर्तमान सरकार सिर्फ आडंबर फैलाकर और झूठा प्रचार करके अपनी पीठ थपथपाने में लगी है 

• यहां हम पानी की समस्या और उसकी गुणवत्ता पर इस बहरी गूंगी और अनेक भ्रष्टाचारी गतिविधियों में लिप्त सरकार का ध्यान दिलाना चाहते हैं कि दिल्लीवासियों को स्वच्छ पानी की आपूर्ति के लिए काम करे ।

रामनिवास शर्मा, चेयरमैन RTI विभाग
दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी

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SEEMANCHAL EXPRESS

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