• निषादों की वर्षों से लंबित मांगों की सूची जारी कर, मछुआरा आयोग का शीघ्र पुनर्गठन कर कोटा निर्धारित करें, बिहार सरकार : धीरेंद्र निषाद
पटना, रिपोर्टर प्रदीप कुमार : पटना के पुनाईचक में स्थित बिहार निषाद संघ के प्रदेश कार्यालय में संध के प्रदेश कोर कमिटी की बैठक कीअध्यक्षता करते हुए संघ के प्रदेश अध्यक्ष ई हरेन्द्र प्रसाद निषाद ने कहा कि पूर्व में बिहार उड़ीसा बंगाल एक ही राज्य था। वर्ष 1912में बंगाल से बिहार अलग राज्य हुआ। बंगाल में निषाद का उपजाति मल्लाह अनुसूचित जाति में शामिल है भारत का संविधान सभी राज्यों के लिए एक ही है। अतः बिहार में भी मल्लाह को अनुसूचित जाति का दर्जा मिलना चाहिए। बैठक में सर्वसम्मति से निषादों की मल्लाह सहित सभी उपजातियों को अनुसूचित जाति में शामिल करने की मांग केन्द्र सरकार से की गई। कार्यकारी अध्यक्ष जलेश्वर सहनी ने कहा कि महागठबंधन की सरकार के मंत्रीमंडल विस्तार में राजद ने निषादों की घोर उपेक्षा की है। प्रधान महासचिव धीरेन्द्र कुमार निषाद ने निषादों की वर्षों से लंबित मुख्य मांगे जैसे परम्परागत मछुआरों की सूची जारी करने, मछुआरा आयोग का शीघ्र पुनर्गठन करने, नदियों में कृषि योग्य दियारे के भूमि की वन्दोवस्ती भूमिहीन निषादों के साथ करने एवं बालू खनन के वन्दोवस्ती में निषादों के लिए कोटा निर्धारित करने की मुख्य मंत्री से मांग की। महा सचिव प्रो. मिथिलेश कुमार एवंं केशनाथ चौधरी ने संघ का सभी जिलों के जिला कमिटी की पुनर्गठन करने एवं संघ का सदस्यता अभियान चलाने के सुझावों पर सर्वसम्मति से ऐसा करने का निर्णय लिया गया। महासचिव रामेश्वर चौधरी ने निषाद गोताखोरों की नियमित नियुक्ति करने की सरकार से मांग की मुख्य संरक्षक शशीभूषण कुमार ने निषाद छात्र - छात्राओं को प्रोफेशनल उच्च शिक्षा पाने की जरूरत बताया ।धन्यवाद ज्ञापन उमेश मंडल ने किया। बैठक में उपाध्यक्ष कृष्णा देवी, रामजतन चौधरी, मनोज कुमार, सुरेश प्रसाद सहनी, जीतेन्द्र कुमार रामाश्रय सहनी, धनंजय निषाद, डॉ सतीश कुमार निषाद, रामरिशी प्रसाद, ब्रह्मदेव केवट, संजय केवट, लालबाबू सहनी।
