• आप के नेता भी मानने लगे हैं कि नई आबकारी नीति में 144.36 करोड़ का घोटाला हुआ है-आर पी सिंह• केजरीवाल सरकार अभी तक जवाब नहीं दे पाई है कि आखिर उन्होंने ब्लैक लिस्टेड कम्पनियों को टेंडर क्यों दिया-आर पी सिंह• नवम्बर 2021 में नई आबकारी नीति के आने से पहले कोविड कम हो गया था फिर केजरीवाल ने शराब माफियाओं के पैसे क्यों माफ किए-आर पी सिंह• केजरीवाल और सिसोदिया सहित उनके नेता दिल्ली सरकार के पैसों से अपना इलाज निजी अस्पताल में करवाते हैं-आर पी सिंह
नई दिल्ली, 21 अगस्त। भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता सरदार आर पी सिंह ने कहा कि अब तो आम आदमी पार्टी के नेता भी मानने लगे हैं कि नई आबकारी नीति में 144.36 करोड़ रुपये और 30 करोड़ रुपये का घोटाला हुआ है। केजरीवाल सरकार अभी तक यह जवाब नहीं दे पाई है कि आखिर उन्होंने ब्लैक लिस्टेड कम्पनियों को टेंडर क्यों दिया। इतना ही नहीं उन्होंने अपने दोस्तों और सम्बन्धियों को बड़े पैमाने पर लाइसेंस देने और मोटी रकम वसूल करने का काम भी किया है।
आज एक संवाददाता सम्मेलन को सम्बोधित करते हुए सरदार आर पी सिंह ने कहा कि जिस तरह से मनीष सिसोदिया खुद ट्वीट कर यह बताने की कोशिश कर रहे थे कि उनके लिए जारी किए गए लुकआउट नोटिस उनको डराया या धमकाया जा रहा है तो सिसोदिया को समझने की कोशिश करनी होगी कि लुकआउट सिर्फ देश से बाहर जाने से रोकता है न की दिल्ली में घूमने से। उन्होंने कहा कि सिसोदिया अपने इस रवैये से लोगों का ध्यान भटकाने की कोशिश कर रहे हैं लेकिन उन्हें भी पता है अब उनके सारे सवाल भी सीबीआई के सामने होगी और जवाब भी वे उन्हीं को देंगे। प्रेसवार्ता में प्रदेश भाजपा रिलेशन विभाग के प्रभारी श्री हरीश खुराना, प्रदेश प्रवक्ता श्री यासिर जिलानी एवं श्री खेमचंद शर्मा उपस्थित थे।
सरदार आर पी सिंह ने कहा कि 144 करोड़ को कोविड के बहाना बनाकर शराब माफियाओं को माफ करने की बात करने वाले आप नेता यह क्यों नहीं बता पा रहे हैं कि दिल्ली में जब 17 नवम्बर 2021 को यह नई आबकारी नीति लागू की गई थी तब तक तो दिल्ली से कोविड का प्रभाव कम हो गया था। दरअसल जो कम्पनियां रिटेलर हैं, होलसेलर हैं और मैनुफैक्चरर भी उसी को टेंडर देने का काम इस नीति के तहत किया गया है जिससे साफ पता चलता कि इसमें एक बड़े घोटाले को अंजाम दिया गया है। उन्होंने कहा कि शिक्षा स्वस्थ्य की बात करने वाले केजरीवाल और उनके मंत्री में से कोई एक बता दें कि उन्होंने कब सरकारी अस्पताल में अपना इलाज करवाया हो। कोविड कि दौरान एलएनजेपी अस्पताल में प्रवेश करने की जगह उल्टे पांव भाग गए थे केजरीवाल जो अस्पताल की दशा और उसकी दुर्दशा को बताती है।
