बढ़ती महंगाई के दौर में दिल्ली नगर निगम द्वारा जनता पर टैक्स बढ़ौत्तरी सरासर गलत - चौ0 अनिल कुमार
केन्द्र सरकार ने दिल्ली नगर निगम को पैकेज का वायदा किया था तो फिर क्यों प्रापर्टी टैक्स में बढ़ौत्तरी कर जनता पर आर्थिक बोझ डाला जा रहा है। - चौ0 अनिल कुमार
नई दिल्ली, 16 जुलाई, 2022 - दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष चौ0 अनिल कुमार ने कहा कि आम आदमी पार्टी की दिल्ली सरकार और भाजपा शासित दिल्ली नगर निगम ने दिल्लीवालों पर टैक्सों की भरमार करके महंगाई के दौर में गरीब और मध्यम वर्ग की कमर तोड़ने की नीति तैयार कर रही है।
चौ0 अनिल कुमार ने कहा कि एकीकृत दिल्ली नगर निगम द्वारा जारी यूनिफॉर्म पॉलिसी के तहत असेसमेंट तथा कलेक्शन विभाग ने दिल्ली के लोगों पर टैक्स बढ़ाने के आदेश जारी किए है। उन्होंने कहा कि दक्षिणी नगर निगम जो पहले एंटेरटेनमेंट व रीक्रीयेशन से जुड़ी प्रॉपर्टी, सिनेमा हाल, थिएटर, असेंबली हॉल, सिटी हॉल, डांस हॉल, प्रदर्शनी हॉल पर टैक्स की गणना में यूज फेक्टर 3 के स्थान पर अब फेक्टर 4 का इस्तेमाल करेगी। उन्होंने कहा कि बेंकेट हाल/बारात घर के प्रॉपर्टी पर दक्षिणी नगर निगम तथा पूर्वी नगर निगम पहले यूज फेक्टर 4 का इस्तेमाल होता जो अब यह बढ़कर यूज फेक्टर 6 हो गया है।
चौ0 अनिल कुमार ने कहा कि दिल्ली नगर निगम द्वारा नई लाईसेंस फीस की बढ़ी दरें लागू करने के बाद व्यापारिक प्रतिष्ठानों जैसे ऑटोमोबाईल, रिपेयर सेंटर, लोहे का काम करने वाले और गौदाम को भारी भरकम टैक्स देना होगा। उन्होंने कहा कि उत्तरी व पूर्वी नगर निगम में रहने वालों पर 1 प्रतिशत का एजुकेशन सेस की मार पड़ेगी, जिसकों दक्षिणी निगम के लोग पहले से ही दे रहे थे। निगमों के एकीकरण के बाद भाजपा को दिल्लीवालों पर सबसे बड़ा कुठाराघात होगा।
चौ0 अनिल कुमार ने कहा कि जहां दिल्ली नगर निगम ट्रेड और स्टोरेज की लाईसेंस फीस पर 15 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी कर रही है, वहीं केजरीवाल की दिल्ली सरकार बिजली के साथ-साथ पानी और सीवर कनेक्शन पर विकास शुल्क को इन्फ्रास्ट्रक्चर चार्जेस का नाम देकर भारी बढ़ोत्तरी कर रही है। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी और भाजपा एक ही सिक्के के दो पहलू है। दोनो दिल्लीवालों के हितों के लिए वायदे तो बड़े-बड़े करते हैं परंतु उनके आर्थिक संकट को दूर करने के लिए दोनो के पास कोई योजना नही है।
चौ0 अनिल कुमार ने कहा कि तीनों नगर निगम को एक करने के फैसले के बाद यह अनुमान लगाया जा रहा था कि केजरीवाल-भाजपा के द्वारा मिलीभगत से किए जा रहे भ्रष्टाचार पर रोक लगेगी। केंद्र सरकार दिल्ली नगर निगम को 13,000 करोड़ का बेलआउट पेकेज देगी, जिसकी माँग दिल्ली प्रदेश काँग्रेस लागातार कर रही थी। लेकिन भाजपा ने जनता के प्रतिनिधि की जगह एक नौकरशाह को नगर निगम चलाने की ज़िम्मेदारी देकर जनता पर टैक्स का बोझ डालना शुरू कर दी है।
चौ0 अनिल कुमार ने कहा कि पेट्रोल, डीजल, सीएनजी और रसोई गैस की आसमान छूती दरों सहित लगभग सभी खाद्य पदार्थों के कीमत आसमान छु रही है जिसके कारण एक तरफ गरीब, मध्यम व निम्न वर्ग की कमर टूट गई है। वहीं केजरीवाल सरकार ने पावर पर्चेज एडजसमेंट चार्ज में 2-6 प्रतिशत वृद्धि कर बिजली बिल को और मंहगा कर दिया है। उन्होंने कहा कि निगम की एकीकरण के बाद से भ्रष्टाचार के कारण घाटे में चल रही नगर निगम को आर्थिक संकट से उबारने की जगह भाजपा जनता पर टैक्स का बोझ डाल रही है।
