• प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष चौ0 अनिल कुमार के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने बिजली की बढ़ती दरों के खिलाफ और बिजली कम्पनियों के खातों का सी.ए.जी. द्वारा ऑडिट कराने की मांग को लेकर अरविन्द केजरीवाल के निवास का घेराव किया।
• दिल्ली सरकार बिजली कम्पनियों को बिलों पर बढ़े हुए टैक्सों को वापस लेने का तुरंत आदेश दे। - चौ0 अनिल कुमार
नई दिल्ली, 15 जुलाई, 2022 - दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष चौ0 अनिल कुमार के नेतृत्व में भारी संख्या में मौजूद कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने आज दिल्ली में बिजली की बढ़ती दरों के खिलाफ और बिजली कम्पनियों के खातों का सी.ए.जी. द्वारा ऑडिट कराने की मांग को लेकर मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल के सिविल लाईन्स स्थित निवास का घेराव किया। प्रदर्शनकारियों को सम्बोधित करते हुए प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि हम दिल्ली सरकार और बिजली कम्पनियों की सांठगांठ में चल रहे बिजली के खेल को उजागर करने के लिए यहां आए है, क्योंकि मुख्यमंत्री बनने से पूर्व केजरीवाल लगातार बिजली कम्पनियों पर लूटने का आरोप लगाकर कांग्रेस की शीला दीक्षित सरकार को बदनाम करते थे और कम्पनियों का ऑडिट कराने की मांग करते थे परंतु सत्ता में आने के बाद पिछले 8
वर्षों से बिजली कम्पनियों की वकालत का काम कर रहे।
प्रदर्शकारियों में प्रदेश अध्यक्ष चौ0 अनिल कुमार के अलावा पूर्व सांसद रमेश कुमार, दिल्ली सरकार के पूर्व मंत्री डा0 नरेन्द्र नाथ, पूर्व विधायक एवं प्रदेश उपाध्यक्ष जय किशन, कम्युनिकेशन विभाग के चैयरमेन एवं पूर्व विधायक अनिल भारद्वाज, पूर्व विधायक भीष्म शर्मा, हरी शंकर गुप्ता, वीर सिंह धींगान, अमरीश गौतम, विजय लोचव और राजेश जैन, प्रदेश युवा कांग्रेस अध्यक्ष रणविजय सिंह लोचव सहित सभी जिला अध्यक्ष, पूर्व विधायक, पूर्व निगम पार्षद, सभी ब्लाक अध्यक्ष, सेल एवं विभागों के अध्यक्ष व प्रदेश पदाधिकारी भी शामिल थे। प्रदर्शनकारी हाथों में नारे लिखी तख्तियां लेकर ‘‘बिजली कम्पनियों से यारी, जनता से गद्दारी-नही चलेगी, नही चलेगी’’, बिजली कम्पनियों का ऑडिट कराओ’’ और ‘‘बिजली बिलों में टैक्सों की भरमार, जनता कर रही हाहाकार’’ आदि नारे लगा रहे थे।
चौ0 अनिल कुमार ने कहा कि मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल दिल्ली की जनता को फ्री बिजली देने के नाम पर गुमराह कर रहे है क्योंकि दिल्ली सरकार ने पावर परचेस एडजस्टमेंट कॉस्ट (पीपीएसी) में बदलाव अथवा बिजली दरों में किसी भी प्रकार के संशोधन का अधिकार जो विद्युत विनियामक आयोग (डिस्कॉम) का है, केजरीवाल सरकार ने ये अधिकार अब सीधा बिजली कम्पनियों को दे दिया है जिसके कारण बिजली बिल पर 6 प्रतिशत टैक्स की बढ़ोत्तरी की गई है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री केजरीवाल द्वारा बिजली कम्पनियों की वकालत करना दिल्लीवासियों के हितों के लिए हानिकारक है और दिल्ली सरकार के उदार व्यवहार के कारण ही जुलाई माह का आने वाले बिल में उपभोक्ताओं को 22.18 प्रतिशत पीपीएस टैक्स अतिरिक्त देना पड़ेगा, मतलब साफ है 100 रुपये बिल पर 22.18 रुपये टैक्स अतिरिक्त।
चौ0 अनिल कुमार ने कहा कि कांग्रेस की दिल्ली सरकार के समय बिजली बिलों पर पेन्शन टैक्स नही लिया जाता था और पीपीएसी के तहत मात्र 2-3 प्रतिशत टैक्स लिया जाता था जो आज केजरीवाल सरकार के शासन में 22.18 प्रतिशत टैक्स बिलों पर अतिरिक्त वसूला जा रहा है। उन्होंने कहा कि बिजली बिलों पर पेन्शन टैक्स लेने की शुरुआत केजरीवाल सरकार ने की, जबकि कांग्रेस शासन के दौरान पेन्शन टैक्स नही होता था और पेन्शन के लिए फंड सरकार देती थी। उन्होंने कहा कि केजरीवाल सरकार शय पर बिजली कम्पनियों ने 2018-2021 के दौरान बिजली उपभोक्ताओं से पेन्शन फंड के नाम पर 2677 करोड़ रुपये वसूले है, जबकि पीपीएसी के अन्य टैक्सों पर 37277 करोड़ की लूट की है। उन्होंने कहा कि दिल्ली कांग्रेस मांग करती है। कि बिजली कम्पनियों द्वारा पीपीएसी चार्ज के नाम पर लूट बंद करके दिल्ली सरकार तुरंत प्रभाव से सरचार्ज में वृद्धि को वापस ले।
चौ0 अनिल कुमार ने कहा कि दिल्ली को मुफ्त 200 यूनिट बिजली देने का खोखला दावा केजरीवाल कर रहे है जबकि देश में सबसे ज्यादा महंगी बिजली दिल्ली के उपभोक्ताओं को मिल रही है। उन्होंने कहा कि राजधानी में उपभोक्ताओं को महंगी बिजली के लिए मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल है क्यांकि उनके पावर मंत्री न 2015 में दादरी बिजली संयंत्र से मिलने वाली 500 मेगावाट सस्ती बिजली को वापस कर दिया और अब बिजली संकट उत्पन्न होने पर निजी कम्पनियों से महंगी दरों पर बिजली खरीद रहे हैं। बिजली दरों में बढ़ोतरी और बिलों पर टैक्स के लिए केजरीवाल सरकार जिम्मेदार है। उन्होंने कहा कि बिजली कम्पनियों की मनमानी पर केजरीवाल की चुप्पी का भुगतान दिल्ली के बिजली उपभोक्ता भुगत रहे हैं।