गुरुग्राम, फसलों के नुकसान की भरपाई के लिए प्रदेश सरकार द्वारा मुख्यमंत्री भावांतर भरपाई योजना व बागवानी बीमा योजना का लाभ दिया जा रहा है। इसके माध्यम से जिले के बागवानी से संबंधित खेती करने वाले किसान उत्पादन के बाद होने वाले जोखिमों को कम कर सकते हैं। उपायुक्त डा. यश गर्ग ने बताया कि किसानों के हित को ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री मनोहर लाल द्वारा शुरू की गई भावांतर भरपाई योजना व बागवानी बीमा योजना किसानों के लिए विशेष कदम है। यह योजना किसानों को सब्जियों व फलों के भाव से जोखिम मुक्त कर उन्हें फसल का उचित दाम दिलाने में कारगर हो रही है।
डा. यश गर्ग ने कहा कि किसान जब अपनी बागवानी की फसल को मंडी में बेचने जाता है तो उसको फसल का सही दाम नहीं मिल पाता, जिससे किसान हतोत्साहित होकर फिर से पारंपरिक खेती करने का विचार करता है। ऐसे किसानों को प्रोत्साहन देने के लिए प्रदेश सरकार फसल में लगने वाले घाटे को कम करने के लिए भावांतर भरपाई योजना के अंतर्गत मुआवजा व मूल्य के रूप में प्रोत्साहन धनराशि प्रदान करेगी। जिला बागवानी अधिकारी पिकी यादव ने बताया कि इस योजना के तहत आलू, फूल गोभी, गाजर, मटर, टमाटर, प्याज, शिमला, मिर्च, बैंगन, भिडी, मिर्च, करेला, बंदगोभी, मूली, किन्नू, अमरूद, चीकू, आडू, आलूबुखारा, आम, नाशपाती, लीची, आंवला, बेर, लहसुन व हल्दी आदि को सूचीबद्ध किया गया है।
