राजधानी में सभी अस्पतालों को लगाना होगा अपना ऑक्सीजन प्लांट

Seemanchal Express,प्रदीप कुमार, नई दिल्ली 


नई दिल्ली, 20 मई : कोरोना संक्रमण की संभावित तीसरी लहर के मद्देनजर उच्च न्यायालय ने गुरुवार को राजधानी में सभी अस्पतालों/नर्सिंग होम्स को अपना ऑक्सीजन संयंत्र लगाने का आदेश दिया है। न्यायालय ने 100 या इससे अधिक बेड वाले सभी सरकारी व निजी अस्पतालों को अपनी सामान्य जरूरतों से दो गुना अधिक क्षमता का पीएसए ऑक्सीजन संयंत्र लगाने को कहा है। जबकि, 50 से अधिक व 100 बेड से कम वाले अस्पतालों को अपनी नियमित जरूरतों के हिसाब से ऑक्सीजन प्लांट लगाने का निर्देश दिया है।

जस्टिस विपिन सांघी और जसमीत सिंह की पीठ ने कहा कि महामारी की मौजूदा लहर में ऑक्सीजन की भारी कमी का सामना करना पड़ा और इसकी वजह से मरीजों की जान तक चली गई। ऐसे में इस कड़वे अनुभव से हमें सबक लेने की जरूरत है। पीठ ने कहा कि सभी बड़े अस्पतालों में पीएसए ऑक्सीजन प्लांट लगाने का सबसे उपयुक्त समय आ गया है। पीठ ने कहा कि 100 या इससे अधिक बेड वाले सभी अस्पतालों के लिए ऑक्सीजन का अपना प्लांट होना जरूरी है। पीठ ने कहा है कि ऑक्सीजन प्लांट की क्षमता अस्पताल की समान्य जरूरतों से दो गुना अधिक होने चाहिए क्योंकि इससे बाहरी स्रोतों पर निर्भरता कम होगी। न्यायालय ने 50 से अधिक और 100 बेड से कम वाले अस्पतालों को भी पीएसए ऑक्सीजन प्लांट लगाने का आदेश दिया है। इन अस्पतालों को अपनी समान्य जरूरतों के हिसाब से प्लांट लगाने का आदेश दिया गया है।

उच्च न्यायालय ने दिल्ली सरकार के प्रमुख सचिव (स्वास्थ्य) को अस्पतालों के साथ पीएसए ऑक्सीजन संयंत्रों के पहलू के बारे में बात करने और इस दिशा में समुचित कदम उठाने को कहा है। पीठ ने सरकार से इस बारे में अगली सुनवाई 27 मई तक स्थिति रिपोर्ट पेश करने कहा है। पीठ ने कहा कि इस तरह की महामारी सदी में एक बार आती है और उम्मीद है जल्द ही देर सबेर हम इसका अंत देखेंगे। उच्च न्यायालय ने यह आदेश तब दिया जब केंद्र और दिल्ली सरकार ने पीएसए प्लांट लगाने के बारे में स्थिति रिपोर्ट पेश की।



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