By,seemanchal Express भरत सिंह की रिपोर्ट New Delhi
नई दिल्ली, 14 मई : दिल्ली में कोरोना के आंकड़े घट रहें ये खुशी की बात है लेकिन इसका मतलब ये नहीं कि हम ढिलाई शुरू कर दें। हमें बहुत सजग रहना है क्योंकि दिल्ली में अभी भी आईसीयू बेड की कमी है इसका मतलब ये है कि अभी भी संवेदनशील मरीजों की संख्या यहां कम नहीं हुई है। कोरोना के कारण जिन परिवारों में कमाने वाले व्यक्ति की मौत हुई है, उन घर के बच्चों और व्रद्ध लोगों का खर्चा दिल्ली सरकार उठाएगी ' ये बातें शुक्रवार को दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने डिजिटल प्रेसवार्ता के दौरान कहीं। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि दिल्ली में कोरोना के नए मामले दस हजार से भी नीचे जा चुके हैं। जिसका पूरा श्रेय दिल्ली की जनता के अनुशासन को जाता है। लेकिन हमें यहीं नहीं रुकना, हमको कोरोना को पूरी तरह से समाप्त करना होगा। जिसके लिए सरकार ने पूरी तैयारी कर रखी है। हम आईसीयू बेड से लेकर ऑक्सीजन सिलेंडर सभी की पर्याप्त व्यवस्था कर रहे हैं जिससे आने वाले समय में कोई समस्या न खड़ी हो। दिल्ली में कोरोना ने अप्रैल माह में बड़ा नुकसन किया। राष्ट्रीय राजधानी में लगभग 28 हजार से ज्यादा प्रतिदिन मामले आये। जिसके चलते बड़ी संख्या में लोगों की जान भी गई। जिसको देखते हुए दिल्ली के मुख्यमंत्री ने घोषणा की है कि इस आपदा में अपने मां और पिता को गंवाने वाले सभी बच्चों के पालन पोषण की पूरी जिम्मेदारी दिल्ली सरकार की होगी। इसके साथ ऐसे वृद्ध जिन्होंने अपने जवान बच्चों को इस आपदा में खोया है उनके सभी खर्चे दिल्ली सरकार वहन करेगी। मुख्यमंत्री ने अपील करते हुए कहा कि मेरा उन पड़ोसियों से निवेदन है कि ऐसे लोगों को विशेष ध्यान रखें जिन्होंने इस आपदा में अपनों को खोया है। क्योंकि दिल्ली के 2 करोड़ लोग एक परिवार है। इसके साथ ही सभी दिल्ली वासियों को ईद की शुभकामनाएं। मैं ऊपर वाले से दुआ करता हूं कि ये दुखद दिन जल्द से जल्द खत्म हो लोगों के जीवन में पहले जैसी खुशियां वापस आये।
