नमो भारत कॉरिडोर के तीन साल पूरे, आधुनिक परिवहन के क्षेत्र में भारत की बड़ी उपलब्धि
मिन्हाज अहमद कासमी ने की सराहना, कहा— बेहतर कनेक्टिविटी से मजबूत होंगे रोजगार, व्यापार और विकास के अवसर
नई दिल्ली। देश की आधुनिक परिवहन व्यवस्था में नमो भारत रैपिड रेल एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में उभरी है। दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ कॉरिडोर के शुरुआती परिचालन के तीन साल पूरे होने के अवसर पर क्षेत्रीय कनेक्टिविटी, तकनीकी प्रगति और भविष्य की परिवहन योजनाओं को लेकर नई उम्मीदें जगी हैं। इस कॉरिडोर का पहला 17 किलोमीटर का खंड अक्टूबर 2023 में साहिबाबाद से दुहाई के बीच शुरू हुआ था। फरवरी 2026 में पूरा 82.15 किलोमीटर का दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ कॉरिडोर परिचालन में आ गया।
नमो भारत परियोजना की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यह दिल्ली और आसपास के शहरों को तेज, सुविधाजनक और आधुनिक परिवहन नेटवर्क से जोड़ने की दिशा में काम कर रही है। भविष्य में दिल्ली-पानीपत-करनाल और दिल्ली-गुरुग्राम-अलवर जैसे प्रस्तावित कॉरिडोर क्षेत्रीय आवागमन को और बेहतर बनाने की क्षमता रखते हैं। हालांकि, इन मार्गों का विस्तार संबंधित स्वीकृतियों और कार्यान्वयन पर निर्भर करेगा।
इस विकास पहल की सराहना करते हुए मिन्हाज अहमद कासमी, सीनियर जर्नलिस्ट, सीनियर एक्टिविस्ट एवं सामाजिक कार्यकर्ता तथा चेयरमैन, ऑल इंडिया सीमांचल जन विकास परिषद (रजि.) ने कहा कि आधुनिक परिवहन व्यवस्था किसी भी देश की आर्थिक प्रगति का महत्वपूर्ण आधार है। ऐसी परियोजनाएं यात्रियों का समय बचाने, शहरों के बीच संपर्क मजबूत करने और रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य तथा व्यापार के अवसरों तक पहुंच बेहतर बनाने में मदद कर सकती हैं।
उन्होंने कहा कि भारत में बुनियादी ढांचे का विकास केवल बड़े शहरों तक सीमित नहीं रहना चाहिए। बिहार के सीमांचल सहित देश के छोटे शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों को भी बेहतर रेल, सड़क और सार्वजनिक परिवहन सुविधाओं से जोड़ना आवश्यक है। जब विकास का लाभ आम नागरिक, विद्यार्थी, किसान, कामगार और छोटे व्यापारी तक पहुंचेगा, तभी समावेशी विकास का लक्ष्य अधिक प्रभावी ढंग से पूरा हो सकेगा।
मिन्हाज अहमद कासमी ने कहा कि नमो भारत जैसी परियोजनाओं के साथ सुरक्षा, किफायती किराया, दिव्यांगजनों के लिए सुविधाएं और मेट्रो, रेलवे तथा बस सेवाओं के बीच बेहतर तालमेल पर भी विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीक और मजबूत कनेक्टिविटी भारत को विकास की नई ऊंचाइयों तक ले जाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं। देश में ऐसी जनोपयोगी परियोजनाओं का विस्तार स्वागतयोग्य है,
