• जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष ललन सिंह के हटते ही जदयू में टूट की प्रबल संभावना• जदयू के कद्दावर नेता ललन बाबू के अध्यक्ष पद से हटते ही पार्टी में टूट की संभावना
पटना : यूँ तो बिहार में जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद से ललन बाबू के हटते ही राजनीतिक सरगमी तेज हो गई है। राजनीतिक हलचल और सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार जदयू के अंदर विधायकों की गुटबाजी हो रही है। और कभी भी जदयू के बारह - तेरह विधायक गोपनीय मुलाकात कर सकते हैं अंदाजा ये लगाया जा रहा है कि नये साल 2024 मकर संक्रांति से पहले एक बार फिर बिहार में राजनीतिक समीकरण बदले जा सकते हैं। तो वहीं राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि जदयू के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष व मुंगेर लोकसभा सभा के सांसद श्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन बाबू की नाराज़गी भी उभर कर सामने आ सकते हैं। इसलिए राज्य सरकार की मुश्किलें बढ़ सकती हैं और जदयू में टूट की प्रबल संभावना होती दिखाई पड़ता है वही जदयू के कुछ नाराज विधायक सरकार को अस्थिर करने में लगे हैं। राजनीति में कौन कब पाला बदल दे यह कहना असंभव है बिहार सरकार की वर्तमान राजनीतिक परिदृश्य में किया बदलाव देखने को मिलेगा यह कहना मुश्किल है राजनीति का स्तर इतना गिरते जा रहा है कि अच्छे विचार साफ सुथरी राजनीति करने वाले लोग इस तरह की राजनीति करने से तोबा करने लगे हैं वर्तमान समय में राजनीति, राजनीति न रहकर रजनीति बनकर रह गया है। ऐसा मानना है प्रसिद्ध समाजसेवी शिक्षाविद् और सीमांचल एक्सप्रेस न्यूज के राज्य ब्यूरो चीफ श्री अशोक कुमार जी का
( हमारा विचार किसी भी राजनैतिक दल जनप्रतिनिधि या किसी भी दल के कार्यकर्ताओं के विश्वास या भरोसा तोड़ने या आस्था को ठेस पहुंचाने का नहीं है बल्कि वर्तमान समय में देश के अंदर अन्य राज्यों और बिहार राज्य के बदलते राजनीति समीकरण पर आधारित है )
