• बिहार राज्य में हरेक जाति या समाज अपना अलग संगठन बना रखा है।
अशोक कुमार • उप ब्यूरो चीफ सीमांचल एक्सप्रेस बिहार
पटना: बिहार राज्य ऐसे राज्यों में गिना जा रहा है जहाँ जाति आधारित जनगणना करवाई जा रही है। इस मुद्दे पर सरकार में शामिल दल के मंत्री वाहवाही लूट रहे हैं। मामला उच्च न्यायालय तक पहुँचा वहाँ से स्वीकृति मिलने पर तो जैसे लोगों की इच्छाए पुरी हो चुकी जैसा प्रतीत हो रहा है वर्तमान परिदृश्य में जितने भी बिहार में जाति या समाज है सभी अपना अपना संगठन बना कर राजनीतिक लाभ ले रहे है लेकिन भला किसी जाति या समाज को नहीं हो रहा है कारण यह है कि हरेक जाति में जो संपन्न लोग है वही संगठन बनाते हैं और अध्यक्ष, सचिव महासचिव बनकर बैठ जाते हैं। तथा निम्न स्तर के लोग यूँ ही जिन्दाबाद, मूर्दाबाद के नारे लगाते रहते हैं। यहीं सचिव अध्या राजनीति में चुनाव लड़कर, लोकसभा, राज्यसभा , विधानसभा, विधान परिषद के सीट पर चुनाव लड़कर अपना कायाकल्प करते रहते हैं। वे समाज या जाति के पिछड़े सदस्यों के समस्या का समाधान न कभी करते हैं न सोचते हैं। अगर समस्या का समाधान करते जो आजादी के 75 वर्षों में समस्या रहता ही नहीं और लगभग सभी जाति या समाज संपन्न होता ऐसा मानना उप ब्यूरो चीफ सीमांचल एक्सप्रेस अशोक कुमार का है
