पति-पत्नी और वो को लेकर छिड़े विवाद के बीच सुर्खियों में आई एसडीएम मौर्य ने वरिष्ठ अधिकारियों के सामने पूरे मामले पर अपनी बात रखी. अमर उजाला के अनुसार एसडीएम ने कहा कि उन पर जो भी आरोप लगाए जा रहे हैं वो निराधार हैं. इसकी जांच कराई जानी चाहिए और जो भी दोषी पाया जाए उसके खिलाफ कार्रवाई हो. इस दौरान उन्होंने डीएम और कमिश्नर से को आवेदन दिया और अपनी बात भी रखी. हालांकि इस दौरान वो मीडिया से दूर रही और कोई बात नहीं की.
मीडिया से बनाई दूरी
हिन्दी अखबार अमर उजाला के अनुसार ज्योति मौर्य विवाद के बीच उनसे अफेयर को लेकर चर्चा में आए महोबा होमगार्ड कमांडेट मनीष दुबे ने भी कल झांसी में हुई मंडलीय बैठक में हिस्सा लिया, लेकिन उन्होंने भी मीडिया से कोई बात नहीं की. बैठक के बाद जब वो बाहर आए तो पत्रकारों ने उनसे ज्योति मौर्य को लेकर सवाल किया, लेकिन वो बिना कोई जवाब दिए ही अपनी गाड़ी में बैठकर निकल गए. वहीं जब इस प्रकरण पर डीआईजी होमगार्ड से बात की तो उन्होंने कहा कि वो ज्योति मौर्य को नहीं जानते हैं, मनीष दुबे को जानते हैं वो विभाग के अच्छे अधिकारी है.
आपको बता दें कि इन दिनों बरेली की एसडीएम ज्योति मौर्य और उनके पति आलोक मौर्य के बीच का विवाद सुर्खियों में बना हुआ है. आलोक मौर्य ने अपनी पत्नी का होमगार्ड कमाडेंट मनीष दुबे से अफेयर होने और उन दोनों पर उन्हें जान से मारने की साजिश रचने का आरोप लगाया है. आलोक मौर्य का कहना है कि साल 2010 में उनकी लखनऊ की ज्योति मौर्य से शादी हुई थी. शादी के बाद आलोक ने अपनी पत्नी को उच्च शिक्षा दिलाई और 2015 में वो पीसीएस अधिकारी बन गईं. साल 2020 में वो मनीष दुबे के संपर्क में आईं और उनसे दूर होती चली गईं.
