कर्नाटक, बेंगलुरु
• कर्नाटक के भाजपा नेताओं ने विपक्षी दलों के बैठक की करी आलोचना
बेंगलुरु। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को सत्ता से बेदखल करने के इरादे से विपक्षी दलों के ‘महागठबंधन’ बनाने के लिए एकजुट होने की कर्नाटक की भाजपा इकाई के नेताओं ने सोमवार को आलोचना की। साथ ही, यह कहते हुए
‘क्षेत्रीय दलों के छोटे समूह’ का मजाक उड़ाया कि इससे (महागठबंधन से) कोई फर्क नहीं पड़ेगा। पूर्व मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई ने यहां
संवाददाताओं से कहा, ‘‘वे अपने गठबंधन को महागठबंधन कह रहे हैं। दरअसल इस महागठबंधन में न तो कोई बंधन है, न तो कोई ‘महा’ (भव्यता) ही है। उनका एकमात्र उद्देश्य मोदी को सत्ता से बेदखल करना है,
जो असंभव है।” भाजपा विधायक बसनगौड़ा पाटिल यतनाल ने विपक्ष की बैठक को ‘लुटेरों का जमावड़ा’ करार दिया। यतनाल ने कहा, ‘‘सभी लुटेरे और जमानत पर छूटे भ्रष्ट लोग 2024 के आम चुनाव में महज नरेन्द्र मोदी को हराने के लिए बेंगलुरु में एकत्र हुए हैं। उन्हें केवल यह डर सता रहा है कि अगर मोदी फिर से सत्ता में आए तो वे लोग जेल भेज दिये जाएंगे।
इसलिए, कश्मीर से कन्याकुमारी तक के लुटेरों का गिरोह बेंगलुरु में इकट्ठा हो रहा है।
” पूर्व मंत्री आर. अशोक के अनुसार, संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन के नेता केवल ‘फोटो सेशन’ (तस्वीरें खिंचवाने) के लिए बेंगलुरु आए हैं। अशोक ने कहा, ‘‘फोटो शो के अलावा कुछ नहीं होगा।
वे एक साथ आएंगे, एक-दूसरे का हाथ पकड़ेंगे और फोटो खिंचवाने के बाद चले जाएंगे। उनकी कोई विचारधारा नहीं है।
ये वही दल हैं जो अपने-अपने राज्यों में एक-दूसरे के खिलाफ लड़ रहे हैं।
चाहे वह पश्चिम बंगाल हो, तमिलनाडु हो या केरल हो।” अशोक ने कहा कि विपक्षी दलों का लक्ष्य मोदी को सत्ता से हटाना है। उन्होंने यह भी कहा कि देशवासी जानते हैं
कि मोदी कौन हैं? भाजपा विधायक बी. वाई. विजयेंद्र ने कहा कि इन विपक्षी दलों को देश के विकास की कोई चिंता नहीं है, क्योंकि उनका एकमात्र एजेंडा केंद्र की सत्ता में आना है। उन्होंने दावा किया, ‘‘भाजपा 2024 में देश में फिर से सत्ता में आएगी, क्योंकि कोई भी ताकत नरेन्द्र मोदी को तीसरी बार प्रधानमंत्री बनने से नहीं रोक सकती!
