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| संवाददाता, अशोक कुमार |
संवाददाता - अशोक कुमार
पटना: बिहार में शिक्षा व्यवस्था प्राइमरी से होकर उच्चतर शिक्षा व्यवस्था में व्यापक गड़बड़ी है। इसका कारण है कि विगत कई वर्षों से शिक्षा पर ध्यान नहीं दिया जाना। सरकारी शिक्षा व्यवस्था तो केवल लूट खसोट का अड्डा बन गया है क्योंकि तरह तरह की सरकार की जो योजनाएं हैं यही शिक्षा व्यवस्था को सुधारने के बजाय बिगाड़ने का काम कर रहा है
दूसरी तरफ प्राइवेट स्कूलों का बिना सत्यापन किए पैसे के बल पर मान्यता प्राप्त करना। जिसमें स्कूल और कॉलेज मेडिकल तथा इंजीनियरिंग आई टी आई नर्सिंग एक्युप्रेशर डिप्लोमा तथा सभी तरह के तकनीकी कोर्स शामिल हैं इन सभी में पैसे वालों का बोलबाला होता है पैसा लगाओं और पैसा कमाओं का हिसाब किताब बना हुआ है। यही कारण है कि शिक्षा का स्तर दिन प्रतिदिन गिरते जा रहा है अधिकांश तकनीकी संस्थान या उच्चतर शिक्षा संस्थान के बड़े बड़े पूंजीपतियों का ही है यह जांच से ही पता चल जाता है इसे रोकने वाला कोई सरकार है भी नहीं । सभी सरकार आंख मूंदकर सम्पन्न करवा रहा है जो खेद की बात है सार्वजनिक कार्यकर्ता सख्त टिप्पणी करे कोई फर्क नहीं पड़ने वाला है बार बार हर तरह की घटनाएं सामने आती हैं किंतु सब के सब रफा दफा हो जाता है और हालात जस के तस बना रहता है
