• संवाददाता • प्रदीप कुमार, पटना बिहार
पटना। मजदूर नेता रामाशीष ठाकुर का आज आकस्मिक निधन हो गया । रामाशीष ठाकुर जी के निधन से मजदूर आंदोलन को बहुत बड़ा धक्का लगा है। वे हमेशा गरीब गुरुबो के संघर्षों में आजीवन योगदान देते रहे है। वे 1977 मे बिहार के प्रथम जनसंहार बेलछी हत्या कांड के खिलाफ स्थानीय तौर पर उन्होंने मजदूरों के पक्ष में संघर्षों में शामिल होकर राजनीति के प्रति मुखातिब हुए। वे समाजवादी संघर्षों से जुड़ गये । उन्होंने गरीबों के लड़ाई में कभी पीछे नहीं हटे । जिसके कारण विरोधीयों ने उन पर गोली चलाई। गोली उनकी पीठ में लगी । गोली निकालने बाद भी अस्वस्थ्य रहते थे । उन्होंने कर्पूरी जी के साथ काम दौरान कार्यालय सचिव पद पर कार्यरत थे। उनकी निधन से सामाजवादी आन्दोलन में मजदुरों की लड़ाई कमजोर हुआ है । उनके निधन पर श्रद्धांजलि सभा आयोजित कर उनके पार्थिव शरीर पर लोगों ने माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि दिया। श्रद्धांजलि देनेवाले सामाजिक व राजनीतिक कार्यकर्ताओं में प्रो किशोरी दास , गजेन्द्र मांझी, धीरेन्द्र कुमार उर्फ धीरू, ये धीरेन्द्र निषाद, प्रदीप पासवान, धर्मपाल सेन आदि सैकड़ों लोग उपस्थित थे ।