केजरीवाल सरकार"रोज़गार बजट" में शामिल परियोजनाओं को पूरा करने के लिए युद्धस्तर पर कर रही है काम; उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने की समीक्षा बैठक




09 फ़रवरी,नई दिल्ली

केजरीवाल सरकार रोज़गार बजट में शामिल  परियोजनाओं के कार्यान्वयन को सुनिश्चित करने के लिए युद्धस्तर पर काम कर रही है। इस दिशा में उपमुख्यमंत्री और वित्त मंत्री श्री मनीष सिसोदिया ने गुरुवार को उद्योग विभाग के उच्च अधिकारियों के साथ बैठक कर विभिन्न परियोजनाओं की समीक्षा की। इन परियोजनाओं में दिल्ली सरकार की क्लाउड किचन पॉलिसी, नॉन-कन्फ़र्मिंग इंडस्ट्रियल एरिया का पुनर्विकास, कन्फ़र्मिंग इंडस्ट्रियल एरिया का पुनर्विकास , इलेक्ट्रॉनिक सिटी, दिल्ली बाजार पोर्टल का विकास और स्टार्टअप पॉलिसी शामिल हैं।

परियोजनाओं की समीक्षा करते हुए उपमुख्यमंत्री ने कहा, 'मुख्यमंत्री श्री अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व में सरकार का मुख्य उद्देश्य रोजगार सृजन की संभावना वाली परियोजनाओं को प्राथमिकता पर लागू करना है। दिल्ली सरकार के अन्तर्गत सभी विभाग इसे सुनिश्चित करने के लिए लगातार काम कर रहे हैं।”

उन्होंने कहा कि रोज़गार बजट में, दिल्ली सरकार ने विभिन्न परियोजनाओं की घोषणा की थी जो अर्थव्यवस्था के विकास को बढ़ावा दे सकती हैं और अगले पांच वर्षों में लाखों नौकरियां पैदा कर सकती हैं। इस दिशा में दिल्ली  संवाद विकास आयोग (DDC) और अन्य विभागों द्वारा नीतियों और योजनाओं के निर्माण के दौरान लगातार  विभिन्न स्टेकहोल्डर से बातचीत की जा रही हैं, जिससे राजधानी भर के व्यवसायों को लाभ होगा।

*दिल्ली सरकार की क्लाउड किचन पॉलिसी जल्द जारी होगी; रोजगार के हज़ारों अवसर सृजित करने की क्षमता

दिल्ली सरकार जल्द ही "क्लाउड किचन पॉलिसी" जारी करेगी जिसका उद्देश्य राराजधानी में क्लाउड किचन के संचालन को वैध बनाना, नियमित करना और सुविधा प्रदान करना है। खाद्य और पेय क्षेत्र के तेज़ी से बढ़ते इस सेक्टर  में भविष्य में रोजगार के कई अवसर सृजित करने की काफी संभावनाएं हैं।

बैठक के दौरान, अधिकारियों ने उपमुख्यमंत्री को बताया कि दिल्ली की क्लाउड किचन पॉलिसी तैयार करने की औपचारिकताएं पूरी कर ली गई हैं और बहुत जल्द इसे खाद्य कारोबारियों की सुविधा के लिए पब्लिक डोमेन में जारी किया जाएगा।

*जल्द पूरी होगी केजरीवाल सरकार की स्टार्टअप पॉलिसी, इससे राजधानी में हजारों संभावित स्टार्टअप को मिलेगा लाभ

दिल्ली सरकार की स्टार्टअप नीति का उद्देश्य इनोवेशन के साथ एक ऐसा इकोसिस्टम तैयार करना है जो विभिन्न स्टार्टअप्स को आगे बढ़ने में मदद करे। यह पॉलिसी उन युवाओं को  प्रोत्साहन देगा जो  दिल्ली में अपना स्टार्टअप शुरू करना चाहते हैं। पॉलिसी का उद्देश्य 2030 तक हजारों स्टार्टअप्स को प्रोत्साहित, सुविधा और समर्थन देना है।

अधिकारियों ने उपमुख्यमंत्री को बताया कि पॉलिसी को कैबिनेट ने मंजूरी दे दी है और जल्द ही अधिसूचना के लिए एलजी के साथ साझा की जाएगी।

*दिल्ली बाजार पोर्टल दिल्ली के हजारों स्थानीय विक्रेताओं को दुनिया भर में अपना ग्राहक आधार बढ़ाने में मदद करेगा

'दिल्ली बाजार' पोर्टल का मुख्य उद्देश्य दिल्ली के स्थानीय विक्रेताओं को उनके अनूठे उत्पादों और सेवाओं के साथ दुनिया भर में एक बड़े ग्राहक आधार तक पहुंचने में मदद करना है। इससे स्थानीय विक्रेताओं को अपना ग्राहक आधार बढ़ाने में मदद मिलेगी। 'दिल्ली बाजार' प्लेटफॉर्म पर प्रत्येक विक्रेता का अपना स्टोरफ्रंट होगा, ताकि वे विस्तृत उत्पाद कैटलॉग के माध्यम से अपनी अनूठी दुकानों और उत्पादों को प्रदर्शित कर सकें। यह 24x7 चलने वाला एक अतिरिक्त वर्चुअल स्टोर बनाएगा।

सरकार दिल्ली बाज़ार ऐप के लिए तकनीकी को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया में है जो इस परियोजना के कार्यान्वयन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

*दिल्ली में आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए केजरीवाल सरकार कन्फ़र्मिंग इंडस्ट्रियल एरिया का पुनर्विकास करेगी; झंडेवालान एफएफसी में पहली परियोजना शुरू होगी

इस परियोजना के तहत, दिल्ली सरकार आर्थिक गतिविधियों को बढ़ाने और रोजगार के अवसर पैदा करने के लिए मौजूदा औद्योगिक क्षेत्रों पर अनुपयोगी और ख़ाली पड़ी भूमि का उपयोग करने के लिए कन्फ़र्मिंग इंडस्ट्रियल एरिया का पुनर्विकास करेगी। इससे वेयरहाउसिंग, आईटी/आईटीईएस और क्लाउड किचन उद्योग को बढ़ावा मिलेगा। इसके तहत झंडेवालान एफएफसी में पहली परियोजना अगले महीने से शुरू की जाएगी।

*नॉन-कन्फ़र्मिंग औद्योगिक क्षेत्रों के पुनर्विकास से बड़े पैमाने पर उद्योगों में रोज़गार के अवसर बढ़ेंगे

दिल्ली सरकार का लक्ष्य अगले 5 वर्षों में लगभग 25 नॉन-कन्फ़र्मिंग औद्योगिक क्षेत्रों का पुनर्विकास करना है, जिसमें इस क्षेत्र में हजारों रोजगार के अवसर पैदा करने की क्षमता है। इस परियोजना के तहत इन क्षेत्रों को हरित, स्वच्छ और टिकाऊ बनाने के उपाय किए जाएंगे। सरकार क्षेत्र में बुनियादी सेवाओं और बुनियादी ढांचे को प्रभावी ढंग से जुटाने के लिए डेवलपर्स के साथ भी काम करेगी।

प्रोजेक्ट का खाका तैयार कर लिया गया है और जल्द ही इसे लागू कर दिया जाएगा। उपमुख्यमंत्री ने अधिकारियों को राष्ट्रीय राजधानी के सभी औद्योगिक क्षेत्रों को विश्वस्तरीय बनाने की योजना पर काम करने का भी निर्देश दिया है।


*बापरोला में दिल्ली इलेक्ट्रॉनिक सिटी के विकास से राजधानी में इलेक्ट्रॉनिक्स उद्योग को बढ़ावा मिलेगा

दिल्ली की अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने और इलेक्ट्रॉनिक्स उद्योग में लोगों के लिए अधिक रोजगार के अवसर पैदा करने के लिए, दिल्ली सरकार दक्षिण पश्चिम दिल्ली के बापरोला में "इलेक्ट्रॉनिक सिटी" विकसित करने के लिए तैयार है। उद्योगों को दिल्ली में अपना व्यवसाय स्थापित करने में सुविधा प्रदान करने के लिए जल्द ही एक इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम डिजाइन, विनिर्माण पॉलिसी भी तैयार की जाएगी।

उपमुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि दिल्ली को हाई-एंड इलेक्ट्रॉनिक्स और रीफर्बिश्ड इलेक्ट्रॉनिक्स मार्केट के हब के रूप में विकसित करने के लिए और संभावनाएं तलाशें। साथ ही उपमुख्यमंत्री ने अधिकारियों को इन परियोजनाओं में लंबित औपचारिकताओं को जल्द से जल्द पूरा करने के निर्देश दिए ताकि उन्हें समय पर लागू किया जा सके।

Post a Comment

SEEMANCHAL EXPRESS

Previous Post Next Post