पीलीभीत। पसमांदा मुस्लिम समाज को वर्ष 2014 से पहले कोई नहीं जानता था। सिर्फ एक वोटर के रूप में समाज का इस्तेमाल किया जाता था, लेकिन प्रधानमंत्री पद पर आने के बाद नरेंद्र मोदी ने पसमांदा मुसलमानों को उनकी पहचान दिलानी शुरू की। आज देश के हर कोने में पसमांदा समाज की गूंज सुनाई दे रही हैं।
यह बात शहर के गांधी प्रेक्षागृह में अखिल भारतीय पसमांदा मुस्लिम महिला सम्मेलन को संबोधित करते हुए अखिल भारतीय पसमांदा मुस्लिम मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष जावेद मलिक ने की। उन्होंने कहा कि हाल ही में दिल्ली में हुई भाजपा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में प्रधानमंत्री ने भाजपा नेताओं को नसीहत दी कि बिना वोटों के लालच के पसमांदा समाज के बीच जाएं। समस्याओं को सुनकर निस्तारण कराएं। इसलिए समाज की मजबूती के लिए भाजपा का साथ देना जरूरी है।पसमांदा समाज के लोगों को मुस्लिम बूथ पर भाजपा का मतदान प्रतिशत बढ़ाना होगा। जावेद मलिक ने कहा कि पसमांदा समाज की तरक्की के लिए राजनीतिक हिस्सेदारी जरूरी है। समाज के लोगों को छोटे से बड़े चुनाव में भागीदारी करने का मौका मिलना चाहिए।
अंत में उन्होंने कहा कि नफरत नहीं साथ मिलकर चलने से ही तरक्की होगी। इस दौरान पसमांदा मुस्लिम मंच की जिलाध्यक्ष शहाना मलिक, महामंत्री परवीन, जिला उपाध्यक्ष फैजान मलिक, यूसुफ, सलीम आदि पदाधिकारी मौजूद रहे।
पसमांदा मुस्लिम महिला सम्मेलन को लेकर जनपद के विभिन्न इलाकों से महिलाओं को बुलाया गया था। इसके लिए बस की व्यवस्था भी की गई थी। दो बजे का कार्यक्रम तय किया गया था। करीब एक बजे ही महिलाओं को सम्मेलन स्थल पर बुला लिया गया। राष्ट्रीय अध्यक्ष के पहुंचने पर देरी होने पर महिलाएं इंतजार कर भड़क गईं और सम्मेलन छोड़कर जाने लगी। इस दौरान सम्मेलन में मौजूद पदाधिकारी उन्हें समझाने में जुटे रहे।
