ग्रेटर नोएडा, पुलिस को झाड़ियों में मिली नवजात बच्ची, SHO की पत्नी ने स्तनपान कराकर बचाई जान



• कूड़े के ढेर में भूख से तड़पता मिला नवजात शिशु को देख इस्पेक्टर विनोद सिंह की धर्मपत्नी ने कराया स्तनपान 

Seemanchal Express 

• संजय कुमार चौधरी, ब्यूरो चीफ उत्तर प्रदेश 

• ग्रेटर नोएडा उत्तर प्रदेश 

• दिल से सलाम 
• ग्रेटर नोएडा नॉलेज पार्क में गर्ल्स हॉस्टल के पास कूड़े के ढेर में नवजात बच्चा मिला। वह भूख से तड़प रहा था। थाना प्रभारी विनोद कुमार सिंह की पत्नी ने पहुंचकर स्तनपान कराया और बच्चे की जान बचाई।
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ग्रेटर नोएडा के नॉलेज पार्क एरिया में एक नवजात कपड़े में लिपटी हुई मिली थी. ठंड की वजह से बच्ची की हालत बेहद खराब थी. सूचना के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और बच्चे को थाने ले आई. इसके बाद बच्ची को रोते देख एसएचओ की पत्नी ने उसे फीड कराकर बच्ची की जान बचाई. बच्ची को अस्पताल में भर्ती करा दिया गया है, जहां उसकी हालत ठीक है.
पुलिस को लेकर आपके मन मस्तिष्क में बहुत सारी तस्वीरें होंगी, लेकिन आज आपको पुलिस वाले की ऐसी तस्वीर दिखाने जा रहे हैं, जिसे देख आपके चेहरे पर भी प्यारी सी मुस्कान बिखर जाएगी. दरअसल, ग्रेटर नोएडा के नॉलेज पार्क थाना क्षेत्र में 20 दिसंबर को एक नवजात बच्ची मिली. बच्ची एक कपड़े में लिपटी हुई थी. ठंड की वजह से बच्ची की हालत बेहद खराब थी. 

सूचना के बाद पुलिस वाले बच्ची को थाने लेकर आ गए. बच्ची लगातार रो रही थी. पुलिस को कुछ समझ में नहीं आ रहा था कि करना क्या है. सभी को पता था कि बच्ची को ठंड लग चुकी है और वह भूख की वजह से रो रही है.

बच्ची नवजात थी, इस वजह से उसे बाहर का कुछ भी खिला पिला नहीं सकते थे. ऐसे में बच्ची को सिर्फ मां का दूध ही दिया जा सकता था. इस बच्ची को कोई झाड़ियों में छोड़ गया था. बच्ची की मां या उसके परिवार के बारे में अभी तक पुलिस को कोई जानकारी नहीं मिल पाई है.


इसके बाद बच्ची की हालत के बारे में थाने के एसएचओ विनोद सिंह की पत्नी ज्योति सिंह को खबर लगी. एसएचओ विनोद सिंह ने पत्नी से बच्चे को फीडिंग कराने के लिए कहा. इस पर उनकी पत्नी ज्योति तुरंत तैयार हो गईं और बच्ची को फीडिंग कराई. ज्योति कहती हैं कि बच्ची को बहुत ज्यादा ठंड लग चुकी थी, इसलिए उसे गर्माहट देने के लिए काफी देर तक उसे अपने पास रखा. इससे उसे आराम मिला. कुछ देर बाद बच्ची को अस्पताल में भर्ती करवा दिया गया. फिलहाल बच्ची की हालत ठीक बताई जा रही है.


अगस्त में पिता बने हैं एसएचओ विनोद सिंह

इस साल अगस्त में एसएचओ विनोद सिंह और उनकी पत्नी ज्योति माता-पिता बने हैं. उनका साढ़े 3 महीने का बेटा है. ज्योति बताती हैं कि उन्हें बच्चों से बहुत लगाव है. शादी से पहले वो टीचर थीं. बच्चों के लिए वो ज्यादा संवेदनशील रहती हैं. ज्योति बताती हैं कि जब उनको इस नवजात बच्ची के बारे में पता चला तो उन्हें इसे झाड़ियों में फेंकने की घटना को लेकर बहुत गुस्सा आया. ज्योति ने बच्ची को कपड़े पहनाए.

एसएचओ बोले- बच्ची की मां के बारे में पता लगाने की हो रही है कोशिश

एसएचओ विनोद सिंह बताते हैं कि बच्ची की मां और परिवार को ढूंढ़ने की लगातार कोशिश की जा रही है. आसपास के अस्पतालों में भी पूछताछ की गई है. जब तक बच्ची के माता-पिता नहीं मिल जाते, तब तक उसका पूरा ख्याल रखा जाएगा.

हालांकि बच्ची को गोद लेने के लिए कई लोग आगे आए हैं, लेकिन गोद लेने की अपनी एक अलग प्रक्रिया है. फिलहाल बच्ची का इलाज ग्रेटर नोएडा के जिम्स अस्पताल में चल रहा है. एसएचओ विनोद सिंह और उनकी पत्नी की तारीफ पुलिस डिपार्टमेंट से लेकर समाज के लोग कर रहे हैं.


लोगों को सोशल मीडिया पर खबर देख इस तरह से अपने भाव प्रकट किए

शब्द नहीं आपका धन्यवाद ज्ञापन करने के लिए आदरणीय एसएचओ महोदय उस बच्चे के लिए आप और आपकी धर्मपत्नी भगवान से कम नहीं है कभी भगवान कार्तिकेय को भी ऋषि पत्नियों ने स्तनपान कराया था आज उन ऋषि पत्नियों को उनकी माता माना जाता है मैं भगवान से प्रार्थना करता हूं का कीर्तिमान स्थापित करें और आपका परिवार हमेशा सुखी संपन्न रहे

संजय कुमार चौधरी 

सीमांचल एक्सप्रेस न्यूज ब्यूरो चीफ उत्तर प्रदेश
ऐसे दयालु परिवार को भगवान हमेशा खुशहाल रखें,  ईश्वर कु कृपा सदा आपके उपर बना रहे । ऐसी हम कामना करता है

जय हिंद, श्रीमान विनोद सिंह 🙏🙏🚩🚩🙏🙏



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