भारत में महंगाई और बेरोजगारी के लिए मोदी सरकार की गलत आर्थिक नीतियां जिम्मेदार




नई दिल्ली, 29 अगस्त, 2022 - दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी कार्यालय राजीव भवन में आयोजित संवाददाता सम्मेलन को आज कमरतोड़ मंहगाई पर हल्लो बोल रैली को लेकर अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता प्रोगौरव वल्लभदिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष चौअनिल कुमारकम्युनिकेशन विभाग के चेयरमैन एवं पूर्व विधायक अनिल भारद्वाज ने संबोधित किया। संवाददाता सम्मेलन में मिस कॉल नम्बर 9625777907 जारी किया। कमरतोड़ महंगाई से परेशान दिल्लीवासी इस नम्बर पर मिस कॉल करके रामलीला मैदान की महंगाई पर हल्ला बोल रैली को अपना समर्थन दें। मोदी सरकार पर कटाक्ष करते हुए श्री गौरव वल्लभ ने मोदी सरकार के दो भाई बेरोजगारी और महंगाई है।


प्रोगौरव वल्लभ ने कहा कि एक समय था जब प्रधानमंत्री मोदी ने भारत की जनता को महंगाई और बेरोजगारी से मुक्त भविष्य का सपना दिखाया था। इसके विपरित आज उन्होंने लोगों को रिकॉर्ड तोड़ मूल्य वृद्धि और 45 वर्षों में सबसे अधिक बेरोजागारी की भयावह स्थिति में डाल दिया है।


पिछले आठ वर्षों में मोदी सरकार का रिकॉड इस सच्चाई को उजागर करता है।

 

 

2014

2022

वृद्धि

एलपीजी

410 रुप्रति सिलेंडर

1053-1240 रुपये प्रति सिलेंडर

156%

पेट्रोल

71 रुपये प्रति लीटर

95-112 रुपये प्रति लीटर

40%

डीजल

55 रुपये प्रति लीटर

90-100 रुपये प्रति लीटर

75%

सरसों का तेल

90 रुपये प्रति लीटर

200 रुपये प्रति लीटर

122%

गेंहू का आटा

22 रुपये प्रति किलो

35-40 प्रति किलो

81%

दूध

35 प्रति लीटर

60 रुपये प्रति लीटर

71%



2014 में सत्ता में आने के बाद प्रधानमंत्री मोदी केवल महंगाई को नियंत्रित करने में ही असफल नहीं हुए बल्कि उनकी गलत नीतियों ने वास्तव में लोगों की पीड़ा को और बढ़ा दिया है।

 

प्रधानमंत्री ने 2019 में मतदाताओं के सामने इस बात को दंभ भरा था कि खाद्यान्नदहीलस्सी और छाछ जैसी आवश्यकत वस्तुओं को जीएसटी के दायरे से बाहर रखा गया है लेकिन 2022 में उन्होंने उन्हीं वस्तुओं पर जीएसटी लगा दी। उन्होंने 2019 के चुनाव में लोगों से वोट लेने के लिए उज्जवला योजना का खूब प्रचार किया लेकिन चुनावों में के तुरंत बाद उन्होंने संवेदनहीनता दिखाते हुए रसोई गैस पर सब्सिडी को खत्म कर दिया। रसोई गैस की कीमतों में दोगुनी से अधिक वृद्धि करके उसे 1053 -1200 रुपये प्रति सिलेंडर तक पहुॅचा दिया और करोड़ों उपभोक्ता आज अपने खाली गैस सिलेंडर को फिर से भराने की स्थिति में नही हैं। ये उन तमाम मामलां में से सिर्फ दो ऐसे उदाहरण है जहां प्रधानमंत्री ने भारत के लोगो ंवोट प्राप्त करने के लिए उनहें धोख दिया और फिर अपपनी ‘‘डूब मरो’’ की विचारधारा का पालन करते हुए उनकी पीठ में छुरा घोंप दिया।


हर कीमत पर अपने खजाने को भरने की मोदी सरकार की हताशा ने उसे अप्रत्याशित ईंधन कर लगाने के लिए प्रेरित कियाजिससे भारतीय उपभोक्ताआं की क्रय शक्ति को और आघात पहुचा है। पेट्रोलडीजल और एलपीजी की वैश्विक कीमतें 2021-22 की तुलना में 2013-14 में बहुत अधिक थी लेकिन उपभोक्ता आज एक लीटर ईंधन या एलपीजी सिलेंडर के लिए यूपीए शासन की तुलना में कहीं अधिक भुगतान कर रहा है।

 

 

कच्चा तेल ($/ बैरल)

पेट्रोल की कीमत

(रु./लीटर)

डीजल की कीमत

(रु./लीटर)

मई 2014

106

71

55

अगस्त 2022

 

85-112

90-100

 

एलपीजी

($/मीट्रिक टन)

एलपीजी
(रु./सिलेंडर)

 

2013-2014

881

410

 

अगस्त 2022

670

1053-1240

 

 

कच्चे तेल और रसोई गैस की अंतर्राष्ट्रीय कीमतें पिछले कुछ महीनों से कम हो रही हैलेकिन उपभोक्ताओं को इसका लाभ नही दिया जा रहा है। इसके विपरित जब-जब अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर कीमतों में वृद्धि होती है तो ये सरकार पेट्रोलडीजल और एलपीजी की कीमतों को बढ़ाना कभी नही भूलती।


मोदी सरकार की दिशाहीन नीतियों ने बेरोजगारी की स्थिति को विनाशकारी मोड़ पर लाकर खड़ा कर दिया है। नोटबंदी और जल्दबाजी में लागू की गई जीएसटी कर प्रणाली पहले ही अर्थव्यवस्था को बड़ा गहरा आघात पहुॅचा चुकी थीइस सबके उपर मोदी सरकार सार्वजनिक उपक्रमां को बंद कर रही हैउनकी निजीकरण कर रही है और बहुमूल्य राष्ट्रीय परिसंपत्तियां अपने पूंजीपति मित्रों को हस्तांतरित कर रही है। सरकार की युवा विरोधी नीतियों के कारण केन्द्र सरकार में 10 लाख पद खाली पड़े हैजो कि कुल स्वीकृत पदों का 24 प्रतिशत हैं।


सरकार की इन विवेकहीन नीतियों के परिणाम विनाशकारी रहे है। लाखों युवा निराश होकर नौकरी के बाजार से बाहर हो गए है। इस पलायन के बावजूद 20से24 वर्ष आयु वर्ग के 42 प्रतिशत युवा जो अब भी नौकरी की तलाश में हैवे बेरोजगार है। इसी का नतीजा है कि पीएचडी और स्नातकोत्तर स्तर की शिक्षा प्राप्त युवा भी चपरासी जैसे कम शैक्षणिक योग्यता की जरुरत वाले पदो ंके लिए आवेदन करने के लिए मजबूर है।


भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस इस कठिन समय में लोगों के साथ खड़ी है। संसद से सड़क तक हमने मोदी सरकार की अक्षमता और उन दिशाहीन नीतियों के विरुद्ध आवाज उठाई है। जिनके कारण भारत में महंगाई और बेरोजगारी में अभूतपूर्व वद्धि हुई है। जून 2021 से अब तक हमने सात राष्ट्रव्यापी प्रदर्शन और जन जागरण कार्यक्रम आयोजित किए है। अगस्त को महंगाई के खिला अपने राष्ट्रव्यापी प्रदर्शन के बाद हम आगामी रविवार यानि सितम्बर को दिल्ली के रामलीला मैदान में ‘‘महंगाई पर हल्ला बोल’’ रैली आयोजित करेंगे।


श्री गौरव ने कहा कि हम मांग करते है सरकार महंगाई पर अंकुश लगाने और रोजगार पैदा करने के अपने वादे को अविलंब पूरा करे और इसके साथ-साथ हम सभी नागरिकों से आग्रह करते हैं कि जन-विरोधी और युवा-विरोधी दृष्टिकोण को बदलने के लिए सरकार पर दवाब बनाने के हमारे प्रयास में साथ आऐं।


प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष चौअनिल कुमार ने चलो रामलीला मैदान के नारे के साथ कमरतोड़ महंगाई पर हल्ला बोल रैली में दिल्लीवासियों से अधिक से अधिक संख्या में पहुॅचने का आव्हान किया। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार की गलत आर्थिक नीतियों के कारण कमर तोड़ महंगाई आसमान छू रही है और बेरोजगारी ने 45 वर्षों का रिकॉड तोड़ दिया है। उन्होंने कहा कि दुख की बात है मोदी सरकार लोगों को राहत देने की बजाय गरीबोंदलितोंमजदूरों को खून चूसने का काम कर रही है। उन्होंने कहा कि 70 साल -70 साल कहने वाली मोदी सरकार से मैं पूछना चाहता हूॅ कि वर्षों में गैस सिलेंडर का रेट 410 रुपये 1000 रुपये से अधिक कैसे हो गया। उन्होंने कहा कि 70 साल का कांग्रेस इतिहास था तो साल का मोदी सरकार इतिहास है जिसमें महंगाई ने कमर तोड़ दी है और बेरोजगारी ने रिकार्ड कायम किए है, 20-24 आयु वर्ग का 42 प्रतिशत शिक्षित युवा आज बेरोजगार है। देश के करोड़ो युवाओं को  रोजगार देने के लिए मोदी सरकार के पास कोई विजन नही है।  


चौ0 अनिल कुमार ने कहा कि बढ़ती महंगाई और बेरोजगारी पर मोदी सरकार से अगर किसी ने सवाल पूछा है तो वह राहुल गांधी जी ने पूछा है, देशवासियों के कल्याण और हितों की लड़ाई हम राहुल जी के नेतृत्व में सड़क से संसद तक लड़ेंगे। उन्होंने कहा कि 5 अगस्त को महंगाई के खिलाफ विरोध प्रदर्शन में मोदी सरकार ने डर के कारण राहुल गांधी जी सहित 60 विधायकों को गिरफ्तार कर लिया गया, यह सब मोदी सरकार की तानाशाही चलते गृहमंत्री के इशारे पर हुआ। उन्होंने कहा कि क्या चुनाव जीतने के बाद किसी पार्टी को सत्ता हासिल करके लोगों लूटने का, गरीबों का दमन करने का लाईसेंस मिल जाता है? मोदी शासन में लोकतांत्रिक व्यवस्था को मौत हो चुकी है।



पूर्व विधायक श्री अनिल भारद्वाज ने कहा कि दिल्ली का कांग्रेस कार्यकर्ता रामलीला मैदान में 4 सितंबर को आयोजित होने वाली महंगाई पर हल्ला बोल रैली के प्रचार प्रसार को दिल्ली में घर-घर तक और जन-जन तक पहुॅचाऐगी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस कार्यकर्ता लोगों को मिस कॉल नम्बर की जानकारी भी देंगे जिससे दिल्लीवासी महंगाई पर हल्ला बोल रैली के समर्थन में वे मिस कॉल करके कांग्रेस के साथ मोदी सरकार के खिलाफ इस रैली को अपना समर्थन दें।  

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