केजरीवाल सरकार द्वारा भाजपा और जनता के दवाब में वापस लिए गए आबकारी नीति के करोड़ो रुपये के भ्रष्टाचार छिपने वाले नहीं है-आदेश गुप्ताकेजरीवाल सरकार द्वारा नई आबकारी नीति वापस लेना दिल्ली की जनता की जीत है-आदेश गुप्ता
सत्येन्द्र जैन को भ्रष्टाचार के मामले में जेल होने के बावजूद मंत्रीमंडल से नहीं हटाना केजरीवाल की राजनीतिक बेहयाई है-आदेश गुप्ता
सिसोदिया और कैलाश गहलोत को जेल जाने से कोई नहीं रोकेगा-आदेश गुप्ता
सीबीआई की जांच से बचने के लिए केजरीवाल ने नई आबकारी नीति को वापस लिया-आदेश गुप्तानई आबकारी नीति लागू होने के बाद अब तक सबसे कम राजस्व मिला है-रामवीर सिंह बिधूड़ी
नई दिल्ली, 30 जुलाई। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष श्री आदेश गुप्ता ने कहा कि केजरीवाल सरकार ने भाजपा और जनता के दबाव में आबकारी नीति को मजबूरन वापस तो ले लिया है लेकिन इससे उनके भ्रष्टाचार करने और करोड़ों रुपयों की हेराफेरी करने के मामले छिप नहीं जाएंगे। उन्होंने कहा कि जनविरोधी शराब नीति की सी.बी.आई. जांच में दिल्ली सरकार के सभी घोटाले उजागर हो जाएंगे और मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, आबकारी मंत्री मनीष सिसोदिया और परिवहन मंत्री कैलाश गहलोत जेल जाने से बच नहीं पाएंगे।
आज श्री आदेश गुप्ता ने नेता प्रतिपक्ष श्री रामवीर सिंह बिधूड़ी के साथ संयुक्त प्रेसवार्ता को संबोधित करते हुए कहा कि स्वास्थ्य मंत्री सत्येन्द्र जैन तो भ्रष्टाचार के मामले में पहले ही जेल में हैं और केजरीवाल उन्हें बचाने के लिए ही उनके खिलाफ कार्रवाई नहीं कर रहे। उन्होंने कहा कि केजरीवाल ने शराब माफिया को करोड़ों का लाभ पहुंचाने के लिए ही विनाशकारी शराब नीति को तैयार किया और भ्रष्टाचार के दम पर हासिल रुपयो से पंजाब में चुनाव लड़ा। करोड़ो रुपये की हेराफेरी कर अब शराब नीति को बदलने वाले केजरीवाल और उनके सहयोगी मंत्री बचेंगे नहीं क्योंकि सीबीआई जांच में सब साफ हो जाएगा।
श्री आदेश गुप्ता ने कहा भाजपा पहले दिन से ही नई आबकारी नीति का विरोध कर रही थी और एक साल तक चले संघर्ष में दिल्ली की जनता और विभिन्न संगठनों और आरडब्ल्यूए समितियों ने भी भरपूर सहयोग किया जिसके लिए जनता का धन्यवाद है। उन्होंने स्वास्थ्य मंत्री सत्येन्द्र जैन को भ्रष्टाचार के मामले में जेल होने के बावजूद नहीं हटाने को केजरीवाल की राजनीतिक बेहयाई बताया।
श्री आदेश गुप्ता ने कहा कि दिल्ली सरकार ने चाहे आबकारी नीति फिर से बदलने की बात कही है, लेकिन वह अपनी घोषित नीति के दम पर किए गए काले कारनामों की जिम्मेदारी से बच नहीं सकती। सरकार ने शराब माफिया के दबाव में शराब कंपनियों को 144 करोड़ सरकारी खजाने की रकम को न केवल माफ किया बल्कि 33 करोड़ रुपये की जमाराशि को भी शराब ठेकेदारों को वापस कर दिया। उन्होंने कहा कि ये सब बिना मंत्रीमंडल सहमति के किया गया जिसका जांच के दौरान तो जवाब देना ही होगा।
नेता प्रतिपक्ष श्री रामवीर सिंह बिधूड़ी ने कहा कि शराब नीति को अच्छा और आमदनी बढ़ाने का दावा करने वाली केजरीवाल सरकार को नई आबकारी नीति लागू होने के बाद अब तक सबसे कम राजस्व मिला है। उन्होंने कहा कि जनता के सहयोग से गली से लेकर विधानसभा तक शराब नीति का विरोध करने वाली भाजपा को मिली इस जीत का श्रेय जनता को दिया।
